चंडीगढ़, 30 जनवरी (भाषा) वर्ष 2025 में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के हरियाणा खंड पर यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगभग पांच लाख चालान काटे गए। राज्य पुलिस के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि अंबाला-सोनीपत खंड पर सीसीटीवी और स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) प्रणाली के लागू होने के पहले ही वर्ष में यातायात अनुशासन और सड़क सुरक्षा में सुधार हुआ है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस परियोजना ने नियमों के उल्लंघन पर कड़ा नियंत्रण सुनिश्चित किया और यातायात नियमों के प्रति जन जागरूकता में सकारात्मक बदलाव लाया है।
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने बताया कि वर्ष के दौरान एएनपीआर कैमरों के माध्यम से एनएच-44 पर कुल 4,84,617 ऑनलाइन चालान काटे गए।
उन्होंने बताया कि परियोजना के प्रारंभिक चरण में, विशेष रूप से फरवरी और मार्च 2025 में प्रति माह लगभग 50,000 चालान काटे गये थे।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि सतत कार्रवाई, प्रौद्योगिकी आधारित निगरानी और व्यापक जन जागरूकता अभियानों के कारण चालान की संख्या घटकर औसतन 30,000 प्रति माह रह गई है।
पुलिस महानिदेशक ने कहा, “लगभग 20,000 चालानों की यह मासिक कमी दर्शाती है कि जनता यातायात नियमों को गंभीरता से ले रही है और स्वेच्छा से उनका पालन कर रही है।”
उन्होंने बताया कि इस परियोजना ने अपराध नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (यातायात एवं राजमार्ग) हरदीप दून के अनुसार, इस परियोजना की शुरुआत 25 जनवरी, 2025 को करनाल स्थित केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से की गयी थी।
उन्होंने बताया कि सोनीपत के कुंडली बॉर्डर से लेकर अंबाला के शंभू बॉर्डर तक संवेदनशील स्थानों पर कुल 128 अत्याधुनिक कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें 72 एएनपीआर, 18 साक्ष्य कैमरे और 38 निगरानी कैमरे शामिल हैं।
अधिकारी ने बताया कि ये कैमरे हरियाणा पुलिस के ‘इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’ से जुड़े हुए हैं।
पुलिस महानिदेशक ने इस बात पर जोर दिया कि हरियाणा पुलिस यातायात प्रबंधन को सुरक्षित बनाने के लिए तकनीक का उपयोग कर रही है हालांकि इसकी सफलता नागरिकों द्वारा नियमों के पालन पर निर्भर करती है।