पेरिस, 13 जनवरी (एपी) फ्रांस में किसानों ने अपनी कम आय और दक्षिण अमेरिका के साथ यूरोपीय संघ (ईयू) के व्यापार समझौते के विरोध में मंगलवार को 350 ट्रैक्टर के साथ संसद तक मार्च किया।
किसानों को आशंका है कि व्यापार समझौते से उनकी आजीविका खतरे में पड़ जाएगी।
पुलिस सुरक्षा के बीच, ट्रैक्टरों ने व्यस्त समय के दौरान चैंप्स-एलिसी और पेरिस की अन्य सड़कों से गुजरते हुए यातायात को अवरूद्ध कर दिया और फिर वे सीन नदी को पार करके नेशनल असेंबली तक पहुंचे।
फ्रांस और अन्य यूरोपीय देशों में किसानों का आक्रोश कई चुनौतियों के चलते बढ़ गया है। मंगलवार को हुए विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रहे किसान संघों ने कहा कि वे फ्रांस की खाद्य सुरक्षा की रक्षा के लिए ठोस और तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
फ्रांस सरकार की प्रवक्ता मौड ब्रेगॉन ने मंगलवार को टीएफ1 टेलीविजन पर कहा कि सरकार किसानों की मदद के लिए जल्द ही नयी घोषणाएं करेगी।
राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों और उनकी सरकार यूरोपीय संघ-मर्कोसुर व्यापार समझौते के विरोध में हैं, लेकिन उम्मीद है कि शनिवार को पैराग्वे में इस पर हस्ताक्षर हो जाएंगे, क्योंकि इसे ज्यादातर अन्य ईयू देशों का समर्थन प्राप्त है।
मर्कोसुर दक्षिण अमेरिकी देशों का क्षेत्रीय व्यापार संगठन है।
यूरोपीय देशों के किसान मर्कोसुर देशों – ब्राजील, अर्जेंटीना, बोलीविया, पैराग्वे और उरुग्वे के साथ व्यापार समझौते का लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे बाजार सस्ते आयातित माल से भर जाएगा।