यूरोप में क्रिकेट के लिये नये द्वार खोलेगी ईटीपीएल : स्टीव वॉ

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नागपुर, 21 जनवरी (भाषा ) स्टीव वॉ ने अपने अंतरराष्ट्रीय कैरियर को अलविदा कहने के बाद पिछले दो दशकों में कई व्यवसायिक उद्यमों में हाथ आजमाया है, लेकिन यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग में एक फ्रेंचाइजी का मालिक बनकर उन्होंने एक ऐसी “चुनौती” को स्वीकार किया है जिसका बड़ा मकसद यूरोपीय महाद्वीप में क्रिकेट का विस्तार करना है।

पहला ईटीपीएल उस क्षेत्र में खेल के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है जिसे लंबे समय से क्रिकेट के मामले में पिछड़ा हुआ माना जाता रहा है।

इस लीग में आयरलैंड, स्कॉटलैंड और नीदरलैंड के क्रिकेट बोर्ड सक्रिय रूप से शामिल होंगे, जबकि इसके मालिकों में दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई हॉकी ओलंपियन जेमी ड्वायेर, न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज काइल मिल्स और शानदार ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ग्लेन मैक्सवेल शामिल हैं।

एम्सटर्डम फ्लेम्स फ्रेंचाइजी के मालिक वॉ के लिये इसमें शामिल होने का फैसला रणनीतिक और व्यक्तिगत दोनों था।

उन्होंने पीटीआई से बातचीत में कहा , “मेरे लिए, यूरोप क्रिकेट का आखिरी मोर्चा है और इसीलिए मैं इसमें शामिल हूं।”

उन्होंने कहा “ईटीपीएल में शामिल होने का फैसला काफी सीधा था । व्यावसायिक दृष्टि से मैं रिटायर होने के बाद पिछले 25 सालों से व्यवसाय में शामिल रहा हूं।

उन्होंने कहा ,”मैं पारंपरिक क्रिकेट के रास्ते पर नहीं गया। मैं अपने खुद के उद्यमों पर ध्यान केंद्रित कर रहा हूं, जिसमें किताबें बेचना और लिखना शामिल है। यह मेरे लिए एक बड़ी चुनौती है। यह मैंने अब तक जो किया है, उससे थोड़ा अलग है, लेकिन मैं क्रिकेट में वापस आने का कोई कारण ढूंढ रहा था।”

वॉ पहले भी मेंटोर की भूमिका में रह चुके हैं लेकिन उनका मानना ​​है कि ईटीपीएल मौलिक रूप से अलग मौका देता है, जिससे खेल के लिए नए रास्ते खुल सकते हैं।

उन्होंने आगे कहा, “मैंने पहले भी कुछ मेंटरिंग की है, लेकिन यह मुझे सच में उत्साहित करता है। यह यूरोप में क्रिकेट के लिए एक नया मोर्चा है । वैश्विक खेल को वहां ले जाना, उसका विस्तार करना और नए क्रिकेटर ढूंढना। मेरे लिए इस फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनना सच में रोमांचक है।”

वॉ ने इस बात पर जोर दिया कि खेल के प्रति उनका जुनून सिर्फ पुरानी यादों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके बजाय स्थायी तंत्र और प्रतिभा तलाश के रास्ते बनाने पर केंद्रित है।

उन्होंने कहा ,”यह एक बड़ी चुनौती है। मैं अभी भी जीतने वाली संस्कृति बनाने, खिलाड़ियों को विकसित करने और प्रतिभा की पहचान करने के बारे में बहुत भावुक हूं।”

लेकिन जब वॉ को पूछा गया कि क्या क्रिकेट भी फुटबॉल की तरह हो जाएगा, जिसमें खिलाड़ी देश के बजाय क्लब को चुनेंगे, तो वह पूरी तरह से सहमत नहीं दिखे ।

उन्होंने कहा, “मुझे पूरी तरह से यकीन नहीं है कि मैं इसका पूरा जवाब दे पाऊंगा, लेकिन मैं यह कहना चाहता हूं कि मुझे अभी भी टेस्ट क्रिकेट पसंद है। हम चाहते हैं कि टेस्ट क्रिकेट बचा रहे क्योंकि मेरे लिए यह अभी भी खेल का सबसे बेहतरीन प्रारूप है।”

वॉ का मानना ​​है कि ईटीपीएल को उसका भौगोलिक संदर्भ सबसे अलग बनाता है ।

उन्होंने कहा, “मैं इसे यूरोप में क्रिकेट के लिए एक शानदार मौका मानता हूं और यही इसे दूसरी लीग से अलग बनाता है। यह पहली बार है जब यूरोप में ऐसी कोई लीग खेली जा रही है।

यूरोप में 30 से ज्यादा देश क्रिकेट खेलते हैं और तीन या चार पहले से ही T20 वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रहे हैं।”

वॉ के अनुसार कई बोर्ड और आईसीसी का समर्थन लीग को विश्वसनीयता और मकसद दोनों देता है।

उन्होंने कहा, “यह क्षेत्र पहले अविकसित और कम इस्तेमाल किया गया था, इसलिए यह खेल को आगे बढ़ाने का एक असली मौका देता है। यह नया है, यह रोमांचक है, और इसे आयरलैंड, नीदरलैंड और स्कॉटलैंड के क्रिकेट बोर्ड के साथ-साथ आईसीसी का भी समर्थन प्राप्त है।”

मिल्स ने कहा कि ईटीपीएल स्कॉटलैंड, आयरलैंड और नीदरलैंड के खिलाड़ियों को एक बेहतरीन लीग में अपने कौशल दिखाने का मौका देगा।

मिल्स ने कहा, “आयरलैंड, स्कॉटलैंड और नीदरलैंड में पहले से ही मजबूत घरेलू प्रतियोगिताएं हैं, लेकिन यह लीग कुछ अतिरिक्त देती है । उनके खिलाड़ी दुनिया भर की प्रतियोगिताओं में शामिल होने के लिए बेताब हैं, लेकिन उन्हें अक्सर एक्सपोजर पाने के लिए प्लेटफॉर्म नहीं मिल पाता है। ईटीपीएल उन्हें वह मौका देगी।”

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