अधिकतर स्त्रियां एडि़यों, घुटनों और कोहनियों को उतना महत्त्व नहीं देती जितना चेहरे और हाथों को। इन अंगों की उपेक्षा करना उचित नहीं है। जहां महिलाएं अपने चेहरे, हाथ, पैर साफ करने में इतना समय लगाती हैं, वहीं थोड़ा-सा ध्यान शरीर के इन अंगों पर देने से आप उन्हें भी उतना ही निखार सकती हैं ताकि देखने वाले के मुंह से अनायास ही निकल जाये कि कितनी खबूसूरत हैं ये एडि़यां और कोहनियां। इन अंगों की उचित देखभाल न होने से इन पर मैल की परतें जम जाती हैं और वहां की त्वचा काली और रूखी पड़ जाती है जो उपेक्षा का शिकार लगती है। लगातार उपेक्षा त्वचा रोग पैदा कर सकती हैं। अतः उन अंगों को इससे बचाकर रखें। स्नान करने से पूर्व उन पर सप्ताह में दो बार तेल की मालिश करें। फिर थोड़ा नहाते समय साबुन लगाकर स्क्रबर से रगड़ने पर मैल साफ हो जायेगा। पैरों का पैडिक्योर करते रहने से एडि़यां नर्म और साफ बनी रह सकती हैं। नींबू के बचे छिलकों को इन अंगों पर रगड़ें। इससे इन पर जमी मैल और कालापन दूर हो जाएगा। सूती जुराब पर साबुन लगा कर मलने से इन अंगों को साफ रखा जा सकता है। जैतून के तेल से एडि़यों व कोहनियों की मालिश करें। बेसन और हल्दी को मिलाकर लेप लगाने के पन्द्रह मिनट बाद धोने से इनकी मृत त्वचा निकल जाती है। कच्चे आलू को कोहनियों पर रगड़ें। सोने से पहले रात्रि में कोहनी व एडि़यों पर माश्चराइजर लगाएं। फटी एडि़यों पर सरसों के तेल में मोम पका कर लगाएं। फटी एडि़यां ठीक हो जायेंगी। कोहनी, घुटनों पर टमाटर के छिलके रगड़ने से जमा मैल साफ हो जाएगा। एडि़यों पर स्नान करने के बाद सरसों के तेल में थोड़ी सी हल्दी मिला कर मालिश करें। ठंडा मौसम होने पर जुराब से एडि़यों को ढक कर रखें। घुटनों, कोहनियों और एडि़यों की त्वचा सख्त होने पर मलाई व नींबू का रस मलने से त्वचा निखर जायेगी। प्याज का रस मलने से कालेपन को कम किया जा सकता है।