डाइजेशन समस्या – नो प्रॉब्लम

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saasdwesaz

आज के युग में हमारे खान पान ने हमें ऐसा जकड़ लिया है कि कोई भी जंक फूड किसी भी समय हम बिना सोचे समझे खा लेते हैं जिसका परिणाम यह होता है कि पाचन क्रिया में गड़बड़ी होने लगती है। हमारी जीवनशैली इस समस्या का बड़ा कारण है पर फिर भी हम जल्दी स्वीकार नहीं करते कि हम गलत समय पर गलत खान पान को अपनाते हैं। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो ध्यान दें कुछ बातों पर:-
थोड़ा-थोड़ा खाएं, अधिक बार खाएं
तीन मुख्य आहार के स्थान पर थोड़ा-थोड़ा कर खाएं और दिन में पांच बार खाएं पर दिन भर में जितनी मात्रा आपको खानी हो, उतनी ही खाएं। अधिक न खाएं। थोड़े अंतराल में खाने से आपको खाने के प्रति भी कम होगी और शरीर में ब्लड शुगर भी ठीक रहेगा।
तले हुए और मसालेदार भोजन से परहेज रखें:-
तला हुआ खाद्य पचाने में मुश्किल होती है। तेज मसाले एसिडिटी बनाते हैं। मसालेदार भोजन लगातार खाने से पेट में दर्द रहता है, विशेषकर उन लोगों का जिनका पाचन कमजोर होता है। खाना सादा और ताजा ही खाएं। भाप द्वारा बना भोजन या कम तेल में पका भोजन स्वास्थ्य हेतु हितकर होता है। सप्ताह में दो बार कम से कम रात्रि में नमकीन सब्जियों वाला दलिया या सब्जियों वाली खिचड़ी खाएं ताकि पेट को आराम मिल सके। दिन में भी कम मसाले वाला भोजन खाएं। रात्रि में सप्ताह में एक दिन सब्जियों के सूप के साथ ब्राउन ब्रैड ले सकते हैं।
चाय, कॉफी, मादक पेयों से परहेज रखें
अधिक चाय कॉफी के सेवन से छाती में जलन होती है और पेट में इरीटेशन होने लगती है और खाया हुआ खाना पचने में मुश्किल आती है। शराब का सेवन भी छाती में जलन और पेट में गड़बड़ी मचाता है। चाय-काफी का सेवन सीमित मात्रा में करें और शराब का सेवन भी कम से कम करें। दिखावे हेतु उनका सेवन आपके शरीर को नुकसान ही पहुंचाता है।
रात्रि में सोने से तीन घंटे पूर्व भोजन खाएं
रात्रि का भोजन शाम 7 बजे के बीच अवश्य कर लें जिससे रात्रि में आप आराम से सो सकें। सोने से कम से कम दो तीन घंटे पूर्व किया भोजन आसानी से पच जाता है जिससे नींद आने में कोई परेशानी नहीं होती। रात्रि में भोजन सुपाच्य और सीमित मात्रा में करें। रात्रि को गरिष्ठ भोजन का सेवन न करें। कभी मजबूरी वश किसी पार्टी में जमा हो तो घर से हल्का फुल्का कुछ खाकर जाएं ताकि वहां आप सीमित में खा सकें।
व्यायाम नियमित करें
नियमित व्यायाम पाचन तंत्रों को दुरूस्त रखता है, इसलिए अपनी दिनचर्या में व्यायाम के लिए समय अवश्य निकालें। व्यायाम शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और हमें एक्टिव रखता है। यह हमारे खाए हुए खाद्य पदार्थों को सही पचाने में मदद भी करता है। रात्रि में खाने के बाद हल्का फुल्का घर पर टहल लेना अच्छा होता है। 

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