मधुमेह के रोगियों को सबसे अधिक ध्यान देना पड़ता है ’ब्लड शुगर‘ की मात्रा पर लेकिन इससे भी जरूरी है रक्तचाप पर ध्यान देना। नवीनतम शोधों के अनुसार अगर व्यक्ति टाइप-टू डायबिटीज का रोगी है तो उसे अपने रक्तचाप पर नियंत्रण रखना बेहद जरूरी होता है। अभी तक विशेषज्ञ मधुमेह के रोगियों में अंधेपन, गुर्दो को नुकसान पहुंचने जैसी सम्भावनाएं न हों, इसके लिए रक्त में शर्करा के स्तर पर नियंत्रण पर ही अपना फोकस रखते थे पर ब्रिेटेन में हुए एक शोध के अनुसार मधुमेह के रोगियों में हृदय रोगों के होने की संभावना कम करने में रक्त-शर्करा से भी अधिक महत्त्वपूर्ण है रक्तचाप पर नियंत्रण । अमेरिकन कॉलेज आफ फिजिशयन्स के नवीनतम दिशानिर्देशों के अनुसार मधुमेह के रोगियों का रक्तचाप 135/80 या इससे कम होना चाहिए। इससे थोड़ा भी अधिक होना हृदय रोगों की संभावना को दुगुना कर देता है। अभी न तो विशेषज्ञ और न ही रोगी इस ओर अधिक ध्यान देते रहे हैं पर नवीनतम शोधों ने इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता को सिद्ध किया है। अगर आप भी मधुमेह के रोगी हैं तो ब्लड शुगर के साथ-साथ ’ब्लड प्रेशर‘ पर भी नियंत्रण रखें।