बीजिंग, 19 जनवरी (भाषा) चीन की अर्थव्यवस्था अमेरिकी शुल्क के बावजूद मजबूत निर्यात के दम पर पिछले साल पांच प्रतिशत बढ़कर 2001 अरब डॉलर तक पहुंच गई। वहीं इसकी सबसे बड़ी कमजोरी घरेलू खपत सुस्त बनी रही।
चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (एनबीएस) द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 2025 में चीन के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वार्षिक आधार पर पांच प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह देश के करीब पांच प्रतिशत के वार्षिक लक्ष्य के अनुरूप है।
एनबीएस के आंकड़ों के अनुसार, जीडीपी 21010 अरब डॉलर (140,187.9 अरब युआन) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। यह पहली बार 2000 अरब डॉलर के आंकड़े को पार पहुंची है।
घरेलू चुनौतियों की एक श्रृंखला के कारण अंतिम तिमाही में वृद्धि दर तीन साल के निचले स्तर 4.5 प्रतिशत पर आ गई। यह 2022 की अंतिम तिमाही के बाद से चीन की सबसे धीमी तिमाही वृद्धि थी जब कोविड-19 संकट के कारण इसमें केवल तीन प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
तिमाही आधार पर 2025 के अंतिम तीन महीनों में चीन की अर्थव्यवस्था में 1.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
चीन के नेता संपत्ति बाजार में आई नरमी और वैश्विक महामारी के कारण अर्थव्यवस्था में आए व्यवधानों के बाद अर्थव्यवस्था को और अधिक गति देने के प्रयास कर रहे हैं।
एनबीएस के आंकड़ों के अनुसार, देश की प्रति व्यक्ति खर्च योग्य आय 43,377 युआन (लगभग 6,192 अमेरिकी डॉलर) थी जो सालाना आधार पर पांच प्रतिशत बढ़ी है।
सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चीन के मूल्यवर्धित औद्योगिक उत्पादन में 2025 में सालाना आधर पर 5.9 प्रतिशत बढ़ा।
चीन के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों पर सांख्यिकी ब्यूरो के आयुक्त कांग यी ने कहा कि चीन की अर्थव्यवस्था ने 2025 में स्थिर वृद्धि बनाए रखने के लिए कई दबावों का सामना किया है। उन्होंने साथ ही आगाह किया कि बाहरी दबाव बढ़ रहे हैं और ‘ लंबे समय से चली आ रही कई समस्याएं और नई चुनौतियां’ आर्थिक वृद्धि को प्रभावित कर रही हैं।