देवघर, पांच जनवरी (भाषा) मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को देवघर में बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) से बातचीत की और दुमका के बासुकीनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बीएलओ को स्वच्छ मतदाता सूची की नींव बताया।
झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय द्वारा सोमवार शाम जारी एक बयान में कहा गया, ‘‘जिस प्रकार एक स्वच्छ मतदाता सूची एक अच्छे लोकतंत्र की नींव है, उसी प्रकार इसे तैयार करने वाले बीएलओ एक स्वच्छ मतदाता सूची की नींव हैं।’’
मुख्य निर्वाचन आयुक्त दो दिवसीय झारखंड दौरे पर हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) देश भर में विभिन्न चरणों में जारी है।
झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी एक मीडिया बयान में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के हवाले से कहा गया,‘‘झारखंड में एसआईआर की घोषणा अभी नहीं की गई है, हालांकि पूरी प्रक्रिया की जानकारी और झारखंड में बीएलओ द्वारा की गई तैयारी इस बात का पर्याप्त संकेत है कि यह सुनिश्चित करने का लक्ष्य हासिल किया जाएगा कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से बाहर ना रह जाए।’’
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि मतदाता सूची तैयार करने के लिए घर-घर जाते समय कभी-कभी बीएलओ के पास दिखाने के लिए पहचान पत्र नहीं होते थे, जिससे लोग उन पर संदेह करते थे।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा, ‘‘निर्वाचन आयोग ने अब बीएलओ के लिए पहचान पत्र जारी कर दिए हैं, इसलिए प्रत्येक बीएलओ के पास खुद का पहचान पत्र है और घर-घर जाकर सत्यापन करते समय उन्हें अब किसी प्रकार की झिझक का सामना नहीं करना पड़ता है।’’
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि देवघर के बीएलओ को जल्द ही नयी दिल्ली में आयोजित होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया जाएगा, जिसका आयोजन मुख्य निर्वाचन आयुक्त कार्यालय द्वारा किया जाएगा।
इससे पहले दिन में ज्ञानेश कुमार ने पत्रकारों को बताया कि उन्हें बाबा बैद्यनाथ मंदिर (देवघर) और बासुकीनाथ मंदिर (दुमका) में जाने का अवसर मिला।
पत्रकारों से बातचीत में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि उन्होंने देश और झारखंड की शांति, समृद्धि और प्रगति के लिए भगवान शिव से प्रार्थना की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त शाम को दिल्ली के लिए रवाना हो गए।