ओडिशा में एसआई भर्ती घोटाला मामले में तथ्यों को छिपा रही सीबीआई: बीजद

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भुवनेश्वर, सात जनवरी (भाषा) ओडिशा में विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने आरोप लगाया कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने राज्य में करोड़ों रुपये के उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती घोटाले से संबंधित आरोप-पत्र में महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया है।

बीजद ने उच्च स्तर पर दोषियों की पहचान के लिए मामले की गहन जांच की मांग की।

बीजद प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दावा किया कि इस मामले में प्रभावशाली लोगों को बचाने का ‘जानबूझकर प्रयास’ किया गया है।

मोहंती ने मंगलवार को आरोप लगाया, “सीबीआई ने अपने प्रारंभिक आरोप-पत्र में जितना खुलासा किया है, उससे कहीं अधिक छिपाया है। शुरू से ही उनका मकसद शक्तिशाली व्यक्तियों को बचाना प्रतीत होता है।”

इस मामले पर टिप्पणी के लिए सीबीआई से संपर्क नहीं हो सका।

मोहंती ने कहा कि आरोप-पत्र में सिलिकॉन टेकला के मालिक को मुख्य आरोपी बनाया गया है जबकि पंचसॉफ्ट टेक्नोलॉजी के मालिक और 14 अन्य लोगों को सहयोगी के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया गृह विभाग के अधीन होने के बावजूद आरोप-पत्र में ओडिशा पुलिस भर्ती बोर्ड (ओपीआरबी) या विभाग के किसी भी अधिकारी का नाम नहीं है।

मोहंती ने कहा, “बोर्ड और गृह विभाग की विफलता के कारण इतना बड़ा घोटाला हुआ। संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।”

राज्य सरकार ने अक्टूबर, 2025 में इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।

इससे पहले, ओडिशा पुलिस की अपराध शाखा ने 125 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें 114 अभ्यर्थी शामिल थे।

पुलिस ने बताया कि इन्होंने 10 लाख रुपये प्रति व्यक्ति के तौर पर कथित भुगतान किया था और नौकरी मिलने के बाद 25 लाख रुपये और देने थे।

ओडिशा पुलिस, अग्निशमन सेवा और वन विभाग में उपनिरीक्षक के 933 पदों के लिए लगभग 1.53 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।

अधिकारियों ने बताया कि घोटाला सामने आने के बाद भर्ती प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी।

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