नयी दिल्ली, 25 जनवरी (भाषा) सरकार ने खाद्य प्रसंस्करण और पेय पदार्थ उद्योग में उपयोग किए जाने वाले एल्युमीनियम कैन के लिए अनिवार्य गुणवत्ता नियंत्रण मानदंडों (क्यूसीओ) को लागू करने की समयसीमा बढ़ा दी है।
इस कदम से कोला बनाने वाली कंपनियों से लेकर बीयर निर्माताओं तक, सभी अल्कोहल युक्त और गैर-अल्कोहल पेय निर्माताओं को बड़ी राहत मिली है।
पेय पदार्थ निर्माताओं ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि समयसीमा बढ़ने से गर्मियों के दौरान बढ़ने वाली मांग को पूरा करने और आपूर्ति के अंतर को पाटने में मदद मिलेगी।
कुकवेयर, बर्तन और खाद्य-पेय पदार्थ कैन (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश, 2026′ को अब बड़े उद्योगों के लिए अक्टूबर 2026 से, छोटी इकाइयों के लिए जनवरी 2027 से और सूक्ष्म उद्यमों के लिए अप्रैल 2027 से लागू किया जाएगा।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाले उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा 15 जनवरी को जारी आदेश के अनुसार, इन वस्तुओं को संबंधित भारतीय मानकों के अनुरूप होना चाहिए और भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) से लाइसेंस के तहत ‘मानक चिह्न’ प्राप्त करना होगा।
यह विस्तार उन खाद्य कंपनियों के लिए भी फायदेमंद होने की संभावना है जो प्रीमियम खाद्य पदार्थों के लिए इसी तरह की कैन पैकेजिंग का उपयोग करती हैं।
पेय पदार्थ उद्योग, जो आमतौर पर गर्मियों की मांग को देखते हुए मध्य जनवरी से स्टॉक करना शुरू कर देता है, उसे आपूर्ति बाधित होने के कारण बिक्री में गिरावट की आशंका थी।
यह राहत ऐसे समय में आई है जब धात्विक कैन में पेय पदार्थों की खपत तेजी से बढ़ रही है। विशेष रूप से युवा पीढ़ी पारंपरिक कांच की बोतलों के बजाय इन्हें अधिक पसंद कर रही है।
समयसीमा में इस विस्तार को मांग-आपूर्ति के अंतर को पाटने और व्यस्त सीजन के दौरान पेय पदार्थ निर्माताओं की निर्बाध वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
ब्रूअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएआई) के महानिदेशक विनोद गिरी ने इस फैसले को समय पर लिया गया कदम बताते हुए कहा, ”यह कदम अल्कोहल पेय कंपनियों को आगामी गर्मियों के सीजन के लिए बेहतर तैयारी करने में मदद करेगा, जब बीयर और सॉफ्ट ड्रिंक्स की मांग काफी बढ़ जाती है।”