जयपुर, 16 जनवरी (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विभिन्न समाजों के वास्ते छात्रावास बनाने के लिए आवंटित भूखंडों का आवंटन रद्द किए जाने की शुक्रवार को आलोचना करते हुए कहा कि यह राज्य की भाजपा सरकार की संकुचित मानसिकता का परिचायक है।
गहलोत ने ‘एक्स’ पर लिखा,‘‘भाजपा सरकार द्वारा कांग्रेस सरकार के समय राज्य में विभिन्न समाजों, विशेषकर पिछड़े वर्गों (ओबीसी) और दलित समुदायों के विद्यार्थियों के वास्ते छात्रावास निर्माण हेतु आवंटित भूखंडों का आवंटन रद्द करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और संकुचित मानसिकता का परिचायक है।’’
उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने यह आवंटन इसलिए किए थे ताकि गांव-ढाणी से आने वाले गरीब और पिछड़े वर्ग के बच्चे शहरों में रहकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें।
उन्होंने कहा कि शहरों में छात्रावास न होने के कारण इन समाजों के होनहार परन्तु आर्थिक रूप से कमजोर पृष्टभूमि के विद्यार्थी पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं।
गहलोत ने लिखा,‘‘सरकारें तो बदलती रहती हैं परन्तु सत्ता का अहंकार इतना नहीं होना चाहिए कि आप राजनीतिक द्वेष के चलते युवाओं के भविष्य और सामाजिक उत्थान के कार्यों पर ही प्रहार करने लगें।’’
उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से आग्रह किया है कि वह इन जनहितकारी आवंटनों को तुरंत बहाल करें ताकि सामाजिक न्याय की अवधारणा प्रभावित न हो।