नयी दिल्ली, 29 जनवरी (भाषा) फिल्मी परदे पर अपने चरित्र की उम्र की परवाह नहीं करने वाली अभिनेत्री मोना सिंह का कहना है कि इंडस्ट्री में महिलाओं के लिए एक ‘एक्सपायरी डेट’ तय कर दी गई है, जबकि पुरुष अभिनेता साठ के दशक में भी रोमांटिक भूमिकाएं निभाते रहते हैं।
मोना सिंह ने कहा कि उन्हें अभिनेत्रियों को लेकर यह मानसिकता अजीब लगती है।
नेटफ्लिक्स के शो ‘काला पानी’, ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ और प्राइम वीडियो के शो ‘मेड इन हेवन-दो’ में सिंह के अभिनय की समीक्षकों ने खूब सराहना की है। उन्होंने ‘मुंज्या’, ‘हैप्पी पटेल’ और अब ‘बॉर्डर 2’ जैसी फिल्मों में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं।
अभिनेत्री, सुदीप शर्मा के हिट नेटफ्लिक्स शो ‘कोहरा’ के दूसरे सीजन में एक महिला की हत्या की जांच कर रही पुलिस अधिकारी की भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा जोखिम उठाए हैं और अब जश्न मनाने का समय आ गया है।
सिंह ने पीटीआई-भाषा को दिए एक साक्षात्कार में कहा, “मुझे अपनी ऑन-स्क्रीन उम्र की परवाह नहीं है। सच में नहीं, क्योंकि मैं बहुत आत्मविश्वासी हूं और मैं खुद को जानती हूं। मुझे कुछ भी साबित करने की जरूरत नहीं है, इसीलिए मैं जोखिम उठाती रहती हूं। लोग अक्सर मुझसे पूछते हैं, ‘आप स्क्रीन पर इतनी उम्रदराज क्यों दिखती हैं?’ मैं कहती हूं कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। यह वह किरदार है जिसे मैं निभा रही हूं और यह मुझे वाकई उत्साहित करता है।”
सिंह ने 2003 में महज 22-23 साल की उम्र में अपने टीवी डेब्यू “जस्सी जैसी कोई नहीं” में चश्मा पहने जस्सी की भूमिका से खूब नाम कमाया। उन्होंने 2009 की ब्लॉकबस्टर फिल्म “3 इडियट्स” में करीना कपूर की बड़ी बहन का किरदार निभाकर फिल्मों में कदम रखा, जिसमें आमिर खान, आर माधवन और शरमन जोशी भी थे।
मोना सिंह ने कहा कि ‘कोहरा 2’ का हिस्सा बनना उनके लिए बहुत बड़ा सम्मान है, जिसका प्रीमियर नेटफ्लिक्स पर 11 फरवरी को होगा।