गणतंत्र दिवस परेड में दिखी ‘स्वामित्व’ योजना के असर की झलक

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नयी दिल्ली, 26 जनवरी (भाषा) पंचायती राज मंत्रालय की ‘स्वामित्व’ योजना के परिवर्तनकारी प्रभाव की झलक सोमवार को कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस पर आयोजित परेड के दौरान देखने को मिली।

मंत्रालय की झांकी में दिखाया गया कि कैसे आवासीय संपत्तियों का कानूनी स्वामित्व ग्रामीण भारत को नया आकार दे रहा है और ‘आत्मनिर्भर पंचायत और आत्मनिर्भर भारत’ की नींव को मजबूत कर रहा है।

झांकी के आगे के हिस्से में ग्रामीण इलाके के एक मकान को खुली हथेली पर दर्शाया गया था, जो संपत्ति के स्वामित्व से हासिल विश्वास और सुरक्षा का प्रतीक है।

झांकी के मध्य भाग में स्वामित्व योजना के कार्यान्वयन को दर्शाया गया। एक लघु, सुनियोजित बस्ती, ग्रामीण विकास का प्रतिनिधित्व करती है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक रूप में दिखाए गए ड्रोन-आधारित सर्वेक्षण भूमि मानचित्रण में सटीकता और तकनीकी मजबूती को दर्शाने वाले थे।

इसमें स्वच्छ सड़कें, हरियाली, जल निकाय और घर ग्रामीण प्रगति की जीवंत छवि प्रस्तुत कर रहे थे।

‘स्वामित्व’ ग्रामीण भारत में आवासीय भूमि के स्पष्ट मालिकाना हक देने की एक केंद्र प्रायोजित योजना है। 24 अप्रैल, 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस योजना में ड्रोन तकनीक से गांवों की संपत्ति का सर्वेक्षण कर, ग्रामीणों को उनके घर का मालिकाना रिकॉर्ड (संपत्ति कार्ड/स्वामित्व विलेख) उपलब्ध कराया जाता है।