अहमदाबाद, 16 जनवरी (भाषा) गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बताया कि उत्तरायण उत्सव के दौरान पूरे गुजरात में पतंग के मांझे से घायल हुए 5,439 पक्षियों का इलाज किया गया।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ‘करुणा अभियान’ पहल के तहत बुधवार को 4,937 पक्षियों को सफलतापूर्वक बचाया गया।
संघवी ने बृहस्पतिवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “करुणा अभियान – जीवित प्राणियों के प्रति करुणा की एक अनूठी पहल! करुणा अभियान के तहत, जो घायल पक्षियों को नया जीवन देने के लिए काम करता है, गुजरात भर में 5,439 पक्षियों का इलाज किया गया, जिनमें से 4,937, यानी 91 प्रतिशत, 14 जनवरी को सफलतापूर्वक बचा लिए गए।”
सरकार ने खासकर उत्तरायण जैसे त्योहारों और अन्य सार्वजनिक समारोहों के दौरान पक्षियों और जानवरों की देखभाल और उपचार के लिए 2017 में करुणा अभियान शुरू किया।
इस पहल में चीनी मांझे के उपयोग पर अंकुश लगाने की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया है, जो स्थानीय और प्रवासी पक्षी दोनों की आबादी के लिए एक गंभीर खतरा बना हुआ है।
दस्करोई रेंज के वन अधिकारी धनराज चौधरी ने पीटीआई-भाषा को बताया, “अहमदाबाद जिले में करुणा अभियान सामाजिक वानिकी और पशुपालन विभागों तथा विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से काम करता है। इस पहल के तहत 96 संग्रह केंद्र, 23 प्राथमिक उपचार केंद्र और 10 नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं जो हफ्ते के सातों दिन, चौबीसों घंटे कार्यरत रहते हैं।”
उन्होंने बताया कि बोडकदेव स्थित वन्यजीव देखभाल केंद्र में पांच पशु बचाव वाहन और 45 डॉक्टरों की एक टीम उपलब्ध है।
चौधरी ने बताया कि बोडकदेव केंद्र में 17 आइबिस, 97 कबूतर और 43 चील सहित 227 पक्षियों का इलाज किया गया।
उन्होंने कहा, “इस वर्ष उत्तरायण उत्सव के दौरान घायल पक्षियों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में कम है, जो जन जागरूकता में वृद्धि और पशु एवं पक्षी संरक्षण अभियान की प्रभावशीलता को दर्शाती है।”