20 जनवरी : पहली बार एक सिनेमेटोग्राफर को मिला दादा साहब फाल्के पुरस्कार

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नयी दिल्ली, 20 जनवरी (भाषा) फिल्म निर्माण की बात करें तो संख्या के लिहाज से भारत दुनिया में सबसे ज्यादा फिल्में बनाने वाले देशों में शुमार है और हर फिल्म के निर्माण में पर्दे के पीछे से सहयोग देने वालों में सिनेमेटोग्राफर का एक अहम योगदान होता है। फिल्म निर्माण में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को पुरस्कृत करने के लिए वर्ष 1969 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार की स्थापना की गई और फिल्मी दुनिया के महान सिनेमेटोग्राफर वी के मूर्ति को वर्ष 2008 का दादा साहब फाल्के पुरस्कार दिया गया। यह पहला मौका था जब किसी सिनेमेटोग्राफर को फिल्मी दुनिया के इस शीर्ष सम्मान से पुरस्कृत किया गया।

पिछली पीढ़ी के लोग वीके मूर्ति के नाम से वाकिफ होंगे। वर्ष 1957 से 1962 के बीच आई गुरुदत्त की बेहतरीन श्वेत श्याम फ़िल्मों ‘चौदहवीं का चांद’, ‘कागज के फूल’ और ‘साहब बीवी और ग़ुलाम’ को फ़िल्माने वाले सिनेमेटोग्राफर वी के मूर्ति को वर्ष 2008 के प्रतिष्ठित दादासाहब फाल्के पुरस्कार के लिए चुना गया और उन्हें 20 जनवरी 2010 को यह पुरस्कार प्रदान किया गया। एक सिनेमेटोग्राफर को फिल्म जगत का यह सर्वोच्च सम्मान हासिल करने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।

20 जनवरी 2021 को डेमोक्रेटिक नेता जो बाइडन ने अमेरिका के 46 वें राष्ट्रपति और भारतीय मूल की कमला देवी हैरिस ने देश की पहली महिला उपराष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली। चेन्नई निवासी प्रवासी भारतीय की बेटी हैरिस ने अमेरिका की पहली महिला उपराष्ट्रपति बनकर इतिहास रच दिया। वह इस पद पर पहुंचने वाली पहली अश्वेत एवं पहली एशियाई अमेरिकी भी हैं।

20 जनवरी 2025 को डोनाल्ड जे. ट्रंप ने अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। इसके साथ ही चार साल बाद दूसरी बार राष्ट्रपति पद पर उनकी उल्लेखनीय वापसी हुई। ट्रंप एक व्यवसायी, रियल एस्टेट कारोबारी और रियलिटी टीवी स्टार होने से लेकर देश के इतिहास में पहले ऐसे पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति हैं जिन्हें अपराधी घोषित किया गया।

साल 2024 में राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपने प्रचार अभियान के दौरान दो प्राण घातक हमलों से बचने के बाद भी ट्रंप (78) मैदान में मजबूती से डटे रहे और अमेरिकी मतदाताओं ने उन्हें दूसरा कार्यकाल दे दिया। उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी और उसकी उम्मीदवार कमला हैरिस के कई समर्थकों के सपनों को भी चकनाचूर कर दिया, जो पहली बार किसी महिला के राष्ट्रपति बनने का ख्वाब देख रहे थे।

उन्होंने नवंबर 2020 के चुनाव के नतीजों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था जब जो बाइडन राष्ट्रपति निर्वाचित हुए थे। इसके बाद ट्रंप के समर्थकों ने छह जनवरी को ‘‘कैपिटल’’ (संसद भवन) पर धावा बोल दिया। दंगों, उपद्रव ने अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को बाधित कर दिया, जहां राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों की पुष्टि की प्रक्रिया जारी थी।

वर्ष 2024 में राष्ट्रपति पद के लिए तीसरी बार मुकाबले में उतरने के साथ ट्रंप कई अभियोगों और आपराधिक मामलों का सामना कर रहे थे तथा न्यूयॉर्क की एक अदालत ने उन्हें दोषी करार दिया था। इस तरह वह किसी अपराध के लिए दोषी ठहराए जाने वाले पहले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बने।

 

देश दुनिया के इतिहास में 20 जनवरी की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-

1817 : कलकत्ता हिंदू कॉलेज की स्थापना। मौजूदा समय में यह प्रेसिडेंसी कॉलेज के नाम से विख्यात है।

1957 : प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, ट्रांबे (बंबई) में स्थापित देश के पहले परमाणु रिएक्टर अप्सरा का उद्घाटन किया।

1961 : अमेरिका के राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी ने ऐतिहासिक भाषण दिया, जिसमें उन्होंने देशवासियों से कहा, ‘‘यह मत पूछो कि तुम्हारा देश तुम्हारे लिए क्या कर सकता है, बल्कि यह बताओ कि तुम अपने देश के लिए क्या कर सकते हो।’’

1972 : अरुणाचल प्रदेश, जो पहले नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी (नेफा) था, केन्द्र शासित क्षेत्र बना और मेघालय को राज्य का दर्जा दिया गया।

1981 : ईरान में बंधक संकट समाप्त। अयातुल्लाह खुमैनी ने 15 महीने से बंधक बनाए गए 52 अमेरिकियों को रिहा कर दिया।

1988 : स्वतंत्रता सेनानी भारत रत्न ख़ान अब्दुल गफ़्फ़ार ख़ान का निधन।

2009 : बराक ओबामा अमेरिका के 44वें राष्ट्रपति बने। वह यह पद ग्रहण करने वाले अफ्रीकी मूल के पहले अमेरिकी थे।

2018 : नेत्रहीनों के बीच खेले जाने वाले क्रिकेट विश्व कप में भारत ने लगातार दूसरी बार खिताबी जीत हासिल की।

2019 : मेक्सिको में ईंधन पाइपलाइन में आग लगने से 73 लोगों की मौत। इसी दिन बोलीविया में दो बसों की सीधी टक्कर में 22 की मौत, 37 घायल।

2020 : यमन के मारिब में मिसाइल और ड्रोन हमले में 100 से अधिक सैनिकों की मौत।

2021 : डेमोक्रेटिक नेता जो बाइडन ने अमेरिका के 46 वें राष्ट्रपति और भारतीय मूल की कमला देवी हैरिस ने देश की पहली महिला उपराष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली। चेन्नई निवासी प्रवासी भारतीय की बेटी हैरिस ने अमेरिका की पहली महिला उपराष्ट्रपति बनकर इतिहास रच दिया। वह इस पद पर पहुंचने वाली पहली अश्वेत एवं पहली एशियाई अमेरिकी भी हैं।

2022 : लाइबेरिया की राजधानी मोनरोवियो में एक धार्मिक समारोह में मची भगदड़ में 11 बच्चों और एक गर्भवती महिला सहित 29 लोगों की मौत।

2024 : चीन में आग लगने की दो दुर्घटनाओं में 21 लोगों की मौत ।

2025 : डोनाल्ड जे. ट्रंप ने अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। इसके साथ ही चार साल बाद दूसरी बार राष्ट्रपति पद पर उनकी उल्लेखनीय वापसी हुई। इसी दिन नाइजीरिया के उत्तर-मध्य हिस्से में एक गैसोलीन टैंकर में हुए विस्फोट में 86 लोगों की मौत।

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