पथनमथिट्टा (केरल), 30 नवंबर (भाषा) सबरीमाला में भगवान अयप्पा मंदिर से सोना गायब होने के मामले की जांच कर रही एसआईटी ने तंत्री (मुख्य पुजारी) महेश मोहनरारु के बयान दर्ज किये हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मोहनारारू के बयान कुछ सप्ताह पहले दर्ज किये गये थे। यह पूछताछ वर्ष 2019 में मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को द्वारपालक मूर्तियों की स्वर्ण से मढ़ी हुईं प्लेट और श्रीकोविल के दरवाज़ों की चौखट ले जाने की अनुमति दिए जाने के आरोपों की जांच के तहत की गई।
मोहनरारू वर्तमान में सबरीमला में तंत्री के रूप में कार्यरत हैं। वर्ष 2019 में भी वे मंदिर में कार्यरत थे।
विशेष जांच दल (एसआईटी) के सूत्रों के अनुसार देवता की संपत्तियों को मंदिर परिसर से देव अनुज्ञा (दैवीय अनुमति) प्राप्त करने के बाद ही बाहर ले जाया जा सकता है।
इसी तरह, जब भी मंदिर में कोई मरम्मत का कार्य कराना होता है तो उसके लिए त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड को तंत्री की अनुमति लेनी होती है।
एक अधिकारी ने बताया कि तंत्री से पूछताछ की गई। एसआईटी ने पोट्टी के प्रायोजक (स्पॉन्सर) के रूप में मंदिर में बार-बार आने और तंत्री के साथ उसके कथित संबंधों के बारे में भी पूछताछ की।