योगी सरकार के आठ साल के उत्कृष्ट अष्ट

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पंकज गांधी जायसवाल

दसवीं  की पढाई के लिए मैं सन 1992 में आगे की पढाई के लिए गोरखपुर आया. इसके एक साल बाद ही योगी आदित्यनाथ का आगमन गोरखपुर के नाथ सम्प्रदाय के केंद्र गोरखनाथ मठ में बतौर उत्तराधिकारी हुआ और तबसे ही मुझे उन्हें नजदीक से जानने समझने और अध्ययन करने मौका प्राप्त हुआ. उस समय वो और हम दोनों युवा ही थे। योगी आदित्यनाथ का पूर्वांचल के उस माफिया दौर में आगमन हम सबके लिये सुखद और उम्मीद भरी हवा का झोंका था और शहर को इस झोंके की बहुत जरुरत थी. शहर में बंदूक, दबंगई, जमीन कब्ज़ा, वसूली, व्यापार उत्पीड़न हत्या जैसी ख़बरें आम थी. उस उम्र में मैंने ही कई मारपीट ऐसी देखी जिसमें बंदूक का इस्तेमाल एकदम आम सा हो गया था. दुकानों में जबरदस्ती कोई घुस जाता और मनमाफिक छूट की मांग करता और नहीं मिलने पर गाली गलौज, मारपीट ,तोड़फोड़ तक बात उतर आती थी. हर नव धनाढ्य या उभरते छात्र नेता का शौक टाटा सूमो खरीद उसमें राइफल लटकाना हो चला था. पूर्वांचल समेत पूरा गोरखपुर शहर इस माहौल से सहमा हुआ था. इस माफिया संस्कृति का दबाब छात्र राजनीति पर भी था.

इस माहौल में योगी आदित्यनाथ का आगमन एक उम्मीद की किरण साबित हुआ और शुरू के कुछ माह बाद इनके सुबह के वक़्त लगने वाले जनता दरबार ने लोगों के लिए उस मंच का काम किया जिसे उस वक़्त सबसे अधिक दरकार थी. कानून व्यवस्था और पुलिस से लोगों का भरोसा कम हो  गया था क्यूंकि कई बार वह माफिया के दबाब में आ जाते थे. योगी के इस जनता दरबार के प्रयोग और उसमें आये लोगों के समस्या के निवारण हेतु स्वयं ही तुरंत गाड़ी लेकर मौके पर निकल जाना लोगों के लिए उनका रूप मसीहा जैसा बन गया था जो न्याय के लिए किसी भी माफिया से नहीं डरता था. फरियादी के प्रति करुणा और उनका पीड़ा निवारण, यही उनका उद्देश्य था. नाथ सम्प्रदाय का उत्तराधिकारी होने के कारण माफिया भी उनसे प्रत्यक्ष उलझने से हिचकते थे.

इस भूमिका के पार्श्व में योगी सरकार के आठ साल के कार्यकाल उत्कृष्ट अष्ट में यदि मैं पहला स्थान दूंगा तो वह प्रदेश से माफ़िया और बंदूक संस्कृति का समूल नाश. संगठित अपराध और दबंग वसूली पर करारा चोट, पुलिस का इकबाल बुलंद होना, कानून व्यवस्था में लोगों का भरोसा जगना और प्रशासनिक निर्णयों में दबंगई और राजनैतिक हस्तक्षेप को ख़त्म करना.    

इस उत्कृष्ट अष्ट में दूसरा स्थान मैं दूंगा उत्तर प्रदेश के प्रति देश में धारणा का बदलाव करना और प्रदेश को बीमारू राज्य से निवेश राज्य के प्रतीक में बदलना। अपने दोनों कार्यकाल के प्रथम वर्ष में ही इन्वेस्टर समिट कर उन्होंने प्रदेश की मशीनरी को आगे के पांच साल का एजेंडा और टारगेट दे दिया। आज योगी सरकार  अष्ट वर्ष कार्यकाल में निवेश कार्यक्रम सरकार के हर विभाग का प्राथमिकता वाला एजेंडा है. आज जिले से लेकर प्रदेश तक की नीतियों का जब भी निर्माण होता है, उसके पार्श्व में यह देखा जाता है कि क्या यह औद्योगिक एवं रोजगार नीति से संगत है या नहीं.

उत्कृष्ट अष्ट में तीसरा है प्रदेश में गांवों से लेकर बिजली व्यवस्था में आमूल चूल सुधार होना। मुझे याद है योगी के अष्ट वर्ष कार्यकाल से पूर्व कस्बों में 5 घंटे सुबह और 5 घंटे बिजली आएगी, इसका ही पैटर्न था. योगी काल से पूर्व गांवों कस्बों में एक हफ्ते सुबह 5 बजे से 10 बजे दिन तक और फिर शाम को 5 बजे तक बिजली रहती थी तो अगले हफ्ते दिन में 10 से 3 बजे दोपहर और रात को 10 बजे से तीन बजे तक बिजली रहती थी. कोई भी रात को ठीक से सो नहीं पाता था और दिन में बिजली के अभाव में व्यवसाय बुरी तरह से प्रभावित होता था. छात्र बुरी तरह से गर्मी से हैरान परेशान रहते थे. इन्वर्टर भी अक्सर डिस्चार्ज हो जाता था, बिजली और ट्रांसफार्मर में खराबी आ गई तो लोग यह मान बैठते थे कि कई दिन तक बिना बिजली के रहना पड़ेगा. जनरेटर, इन्वर्टर और बैटरी कंपनियों की चांदी आ गई थी. योगी सरकार के अष्ट वर्ष कार्यकाल में यह अब इतिहास का विषय हो गया है और लोगों का इन्वर्टर अब कभी भी डिस्चार्ज नहीं होता. बिजली की पर्याप्त उपलब्धता ने जीवन यापन, विधार्थियों समेत व्यवसाय के लिए एक आधारभूत इंफ़्रा का काम किया है.

इस उत्कृष्ट अष्ट में चौथा स्थान है एक्सप्रेसवे और सडकों की जाल का निर्माण. योगी काल  प्रदेश के जिलों की सड़कों रोड का बुरा हाल होता था. लोग टैक्सी और टेम्पो से सफर करते वक्त हैरान परेशान रहते थे. यात्रा से तमाम परेशानियों के साथ लोग कमर दर्द और पेट की बिमारियों से अक्सर परेशान रहते थे. आज जिले की हर सड़क और लिंक रोड उत्कृष्ट हैं. साथ ही जहां उनके आने से पूर्व दो एक्सप्रेसवे ही था योगी के काल में इनके विस्तार के साथ ही पूरे उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे का जाल बिछ गया. मैदानी इलाके का यह प्रदेश जो सनातन धर्म के सर्वाधिक महत्वपूर्ण पुण्य स्थलों को धारण किये हुए है, ने एक्सप्रेससवे के माध्यम से प्रदेश और देश के लोगों का आवगमन सुगम किया जिसने निवेश से लेकर प्रदेश के व्यवसायों और किसानों के आय बढ़ाने की दिशा में एक नया आयाम दिया तथा योजना और मौके के रूप में विकास रूपी रक्त समान रूप से प्रदेश के हर हिस्से में समान रूप से वितरित हुआ जिससे किसान से लेकर व्यापारी सब लाभान्वित हुए.

इस उत्कृष्ट अष्ट में पांचवा स्थान मैं दूंगा प्रदेश को एविएशन प्रदेश के रूप में रूपांतरण. योगी काल से पूर्व जहां प्रदेश में तीन ही एयरपोर्ट काम करते थे आज प्रदेश में 21 एयरपोर्ट हैं जिसमें से जेवर एयरपोर्ट समेत 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं. आज हवाई जहाज की सहज उपलब्धता के कारण देश विदेश के लोगों के लिए यूपी आना बहुत आसान हो गया है. जेवर एयरपोर्ट परिक्षेत्र में कार्गो एयरपोर्ट का निर्माण जिससे मैं भी जुड़ा रहा हूँ मेरा मानना है की योगी सरकार का यह इकलौता प्रयास ही प्रदेश को लैंडलॉक से होने वाले अभिशाप से मुक्ति दिलाएगा.        

उत्कृष्ट अष्ट में छठवां स्थान है सनातन की नव चेतना के विकास के साथ कुंभ को वैश्विक आयोजन बनाना। योगी काल में आयोजित हुए दोनों कुंभ ने देश और विदेश में कीर्तिमान तो स्थापित ही किया, दुनिया में सनातन को लेकर एक नव चेतना को जन्म भी दिया. कुंभ 2025 ने अयोध्या काशी प्रयागराज धार्मिक पर्यटन त्रिकोण के अलावा कई टूरिस्ट सर्किट का निर्माण कर दिया. योगी से पूर्व की सरकारें जहां धर्म निरपेक्ष की गलत व्याख्या के कारण हिंदू धार्मिक आयोजनों से परहेज रखती थीं वही योगी काल में प्रदेश के इस धार्मिक संपत्ति को पर्यटन और आस्था के अवसर के  विस्तृत कर सर्व धर्म सम भाव के रूप में धर्म निरपेक्ष की सही व्याख्या को प्रस्तुत किया मंदिरों से लेकर मस्जिदों तक के पुनर्निर्माण में सरकार ने योगदान दिया।
   
उत्कृष्ट अष्ट में सातवां स्थान मैं दूंगा यूपी के जिलों की पहचान को विश्व स्तर पर पुनः प्रतिष्ठापित कर यूपी के कारीगरी और किसानी को एक जिला एक उत्पाद (ODOP) के रूप में एक नया आयाम देना जिसके बाद ही जिला आधारित उद्यमशीलता शासन के फोकस में आई और जिसे भारत सरकार ने भी इसे राष्ट्रीय स्तर पर अपनाया। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना भी मैं इसी की कड़ी मानता हूं जिसे बाद में भारत सरकार ने पीएम विश्वकर्मा सम्मान योजना के नाम से लांच किया. मुझे ख़ुशी है कि इस योजना के शुरू में उत्तर प्रदेश में मुझे सम्बंधित विभाग को इसका ढांचा और खांचा साझा करने का मौका मिला.

उत्कृष्ट अष्ट में आठवां स्थान मैं दूंगा यूपी में स्वास्थ्य सुविधा और विकास का विस्तार. कोरोना काल में निगरानी समिति हो या प्रत्येक जिलों में हस्पतालों का उन्नयन या हर जिले में मेडिकल कॉलेज की महत्वाकांक्षी योजना हो या असाध्य माने जाने और ईश्वर का अभिशाप मान प्रति वर्ष हजारों नौनिहालों की मृत्यु को नियति मान चुके पूर्वांचल में इन्सेफेलाइटिस का समूल नाश हो. अगर मैं कहूं कि योगी के अष्ट काल के उत्कृष्ट अष्ट में किसे पहला स्थान मिलना चाहिए तो वह है पूर्वांचल से इन्सेफेलाइटिस का समूल नाश.

वैसे तो योगी आदित्यनाथ के काल में बहुत से उत्कृष्ट कार्यों की सूची जैसे किसानों के लिए गेंहू खरीद,चीनी मिल,नहर परियोजना,छात्रों के लिए अभ्युदय और कायाकल्प योजना, शहरी गरीबों के शेल्टर होम समेत कई योजनाएं हैं जो इस उत्कृष्ट अष्ट की सूची के विस्तार में जानी जानी चाहिए. उत्तर प्रदेश जैसे विशाल प्रदेश में विकास की इस सतत यात्रा के लिए योगी सरकार की सततता आवश्यक है ताकि इस यात्रा में रुकावट ना हो. इसी शुभकामना के साथ इस लेख को मैं यहीं विराम देता हूँ.
 

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