नयी दिल्ली, तीन अप्रैल (भाषा) जर्मनी के राजदूत फिलिप एकरमैन ने कहा है कि उनके देश में जल्द ही नई सरकार गठित होगी, लेकिन भारत के साथ राजनीतिक संबंधों के मामले में ‘‘निरंतरता’’ बनी रहेगी।
बुधवार रात यहां एक कार्यक्रम के इतर ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘‘हम आने वाले वर्षों में अपने संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने की उम्मीद कर रहे हैं।’’
राजदूत ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर इस वर्ष के अंत तक यूरोपीय संघ-भारत के बीच वार्ता की भी उम्मीद जतायी।
यह पूछे जाने पर कि यूरोपीय संघ-भारत एफटीए की संभावनाओं को जर्मनी किस तरह देखता है, एकरमैन ने कहा, ‘‘हमें लगता है कि यह भारत में हमारे व्यापार के लिए एक बड़ा बदलाव है और इसमें कोई संदेह नहीं है कि आप अधिक निवेश देखेंगे।’’
एकरमैन ने कहा, ‘‘मुझे पूरा विश्वास है कि जर्मनी और भारत तथा यूरोप और भारत के बीच यह अत्यंत गहन सहयोग जारी रहेगा।’’
द्विपक्षीय संबंधों की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘कुछ सप्ताह में हमारी नई सरकार गठित हो जाएगी, लेकिन मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि भारत के साथ राजनीतिक संबंधों में निरंतरता बरकरार रहेगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम भारत के साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे, हम आने वाले वर्षों में अपने संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने की आशा कर रहे हैं इसलिए नई सरकार के आने के बाद भी जर्मनी-भारत नीति में कोई बदलाव नहीं होगा।’’
राजदूत ने यह भी बताया कि कुछ नए क्षेत्र हैं, जहां देश सहयोग कर सकते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘आपने आज रात (बुधवार रात) देखा कि जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग, स्वच्छ और सतत विकास हमारे सहयोग के मूल में हैं, लेकिन कई अन्य चीजें भी हैं, जहां ध्यान केंद्रित किया जा सकता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘प्रवासन उनमें से एक है…जर्मनी के लिए हमें कुशल श्रमिकों की सख्त जरूरत है, इसलिए हम भारत सरकार के साथ मिलकर प्रयास करेंगे। अधिक से अधिक जर्मन व्यवसाय भारत की ओर देख रहे हैं और भारत में अपने निवेश में विविधता लाना चाहते हैं। विशेष रूप से रक्षा क्षेत्र में, जहां जर्मनी और भारत के बीच व्यापक संभावनाएं हैं।’’