नयी दिल्ली, तीन अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक का मकसद वक्फ की जमीन के प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है ताकि उनके दुरूपयोग पर काबू पाया जा सके और ‘मलाई खाने’ वाले जमीन माफिया पर रोक लग सके।
उन्होंने कहा कि यह विधेयक राष्ट्र के हित में है और किसी पार्टी के पक्ष में नहीं है और न ही किसी वोट बैंक को ध्यान में रखकर इसे लाया गया है।
राज्यसभा में वक्फ़ संशोधन विधेयक, 2025 पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए नड्डा ने कहा कि मौजूदा वक्फ कानून से मुसलमानों को नुकसान हो रहा था और जमीन माफिया मलाई खा रहे थे। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उसे ऐसे ‘‘मलाई खोरों’’ से दूर रहने को कहा।
उन्होंने कहा कि वक्फ विधेयक राष्ट्रहित में है लेकिन विपक्ष मुद्दे को भटकाने और गलत विमर्श बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक का मुख्य मकसद वक्फ की संपत्ति का उचित प्रबंधन और जवाबदेही तय करना है।
सदन के नेता नड्डा ने विपक्ष के इस आरोप को खारिज कर दिया कि मोदी सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन नहीं कर रही है तथा इस विधेयक पर और विचार किए जाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि 2013 में तत्कालीन संप्रग सरकार के दौरान वक्फ संबंधी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) में कुल 13 सदस्य थे जबकि इस सरकार के दौरान गठित जेपीसी में 31 सदस्य थे। उन्होंने कहा कि जगदंबिका पाल नीत जेपीसी ने व्यापक विचार किया और कुल 36 बैठकों में 200 से अधिक घंटे तक चर्चा की।
उन्होंने कहा कि इस जेपीसी ने 284 पक्षों से बात की जबकि पिछली जेपीसी ने 18 पक्षों से बात की थी। उन्होंने कहा कि पिछली जेपीसी ने सरसरी तौर पर चर्चा की थी जबकि इस जेपीसी ने गहराई से चर्चा की।
नड्डा ने कहा कि कई मुस्लिम देशों में बहुत पहले ही वक्फ संपत्ति के प्रबंधन के लिए सुधारवादी कदम उठाए लेकिन भारत में इस संबंध में कदम नहीं उठाए गए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मुस्लिम महिलाओं को भारत में दोयम दर्जे का नागरिक बना दिया था लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार ने तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाकर मुस्लिम महिलाओं को सम्मानजनक जीवन जीने का मौका दिया।