सरकार अपनी नाकामी पर पर्दा डालने के लिए वक्फ विधेयक लाई : अखिलेश

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नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद अखिलेश यादव ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि अपनी नाकामी पर पर्दा डालने के लिए सरकार वक्फ (संशोधन) विधेयक लाई और यह सत्तारूढ़ भाजपा का ‘‘सियासी हठ’’ है तथा ‘‘उसकी सांप्रदायिक राजनीति का एक नया रूप’’ है।

उन्होंने विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि वक्फ से जुड़े जिन मुद्दों पर फैसला लिया जाना था उन्हें इस विधेयक में अहमियत नहीं दी गई है।

अखिलेश ने ‘नोटबंदी’ के केंद्र के फैसले पर तंज कसते हुए कहा, ‘‘बहुत तैयारी के साथ आये थे, फैसला लिया था कि आधी रात के बाद नोट नहीं चलेंगे, लेकिन अभी भी कितनी जगह से कितना रुपया निकल रहा…।’’

उन्होंने सवाल किया कि केंद्र की भाजपा सरकार ने बेरोजगारी दूर करने, किसानों की आय दोगुनी करने के वादे किये थे, उनका क्या हुआ?

उन्होंने कहा, ‘‘क्या गंगा नदी साफ हो गई, यमुना नदी साफ हो गई। क्या गोद लिये गए गांव गोद से उतार दिये गए? उनकी आज क्या दशा है?’’

सपा प्रमुख ने कहा, ‘‘नाकामी का पर्दा इस बार बार वक्फ विधेयक बना है।’’

उन्होंने कहा कि क्या रेलवे और रक्षा मंत्रालय की जमीन नहीं बेची जा रही?

उन्होंने कहा, ‘‘वक्फ की जमीन से बड़ा मुद्दा वह जमीन है जिस पर चीन ने अपने गांव बसा लिए हैं। लेकिन कोई भी इस बाहरी खतरे पर सवाल-बवाल न करे, इसलिए यह विधेयक लाया गया।’’

अखिलेश ने कहा, ‘‘मंत्री जी (किरेन रीजीजू) उसी सीमावर्ती राज्य, अरूणाचल प्रदेश से आते हैं। वह बतायें कि कितनी जमीन पर चीन ने गांव बसा लिए हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वक्फ विधेयक भाजपा का सियासी हठ है और यह भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति का एक नया रूप है।’’ सपा सांसद ने कहा कि वे चाहते हैं कि मुस्लिम समुदाय उद्वेलित हो और ध्रुवीकरण हो, ताकि वे इसका राजनीतिक लाभ उठा सकें।

सपा सांसद ने दावा किया, ‘‘भाजपा मुसलमान भाइयों की जमीन चिह्नित करने की कोशिश कर रही है, ताकि महाकुंभ में मरने वाले या खो गए लोगों पर पर्दा पड़ जाए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कुंभ में सबकी आस्था है, यह कोई पहली बार नहीं (आयोजित) हो रहा था, लेकिन भाजपा के लोगों ने यह प्रचार किया कि 144 वर्षों के बाद पहली बार ऐसा होने जा रहा, लोग निकल पड़े इसके लिए।’’

उन्होंने उल्लेख किया, ‘‘वहां (उत्तर प्रदेश) की सरकार ने कहा था कि हमारी तैयारी 100 करोड़ लोगों के लिए है, लेकिन वे 30 लोग कौन थे जिनकी (महाकुंभ में) जान चली गई। सरकार बताये कि जो 1,000 हिंदू (कुंभ मेले में) खो गए, जो अभी तक नहीं खोजे जा सके हैं, उसकी सूची कहां है?’’

अखिलेश ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लिये बिना कहा कि वह 30 के आंकड़े में उलझे हुए हैं। उनसे पूछा गया कि (महाकुंभ मेले में) कितने का कारोबार हुआ तो उन्होंने 30 से गुना कर उसका आंकड़ा बताया था।

सपा सांसद ने सवाल किया, ‘‘क्या कुंभ कारोबार की जगह है?’’

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि खासकर उत्तर प्रदेश में (भाजपा के) वोट में गिरावट आने के बाद, उसे संभालने के लिए ही यह विधेयक लाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘सरकार (वक्फ) जमीन को नियंत्रण में लेकर उसे पिछले दरवाजे से अपने लोगों को देना चाहती है।’’

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