नयी दिल्ली, तीन अप्रैल (भाषा) न्यायपालिका में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों ने पदभार ग्रहण करते ही सार्वजनिक तौर पर अपनी संपत्ति की घोषणा करने पर सहमति जताई है।
पूर्ण पीठ की एक बैठक में शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों ने अपनी संपत्ति का खुलासा करने का निर्णय लिया और इसका विवरण उच्चतम न्यायालय की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
उच्चतम न्यायालय की वेबसाइट पर कहा गया है कि संपत्ति की घोषणा करना स्वैच्छिक आधार पर होगा।
भारत के प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना सहित उच्चतम न्यायालय के 30 न्यायाधीशों ने अपनी संपत्ति की घोषणा प्रस्तुत की है।
उच्चतम न्यायालय की वेबसाइट के मुताबिक शीर्ष अदालत की पूर्ण पीठ ने यह संकल्प लिया है कि न्यायाधीशों को पदभार ग्रहण करते समय अपनी संपत्ति की घोषणा करनी चाहिए, तथा जब भी कोई महत्वपूर्ण संपत्ति अर्जित की जाए, तो इसकी घोषणा प्रधान न्यायाधीश के समक्ष करनी चाहिए।
वेबसाइट पर लिखा गया है, ‘‘ इसमें भारत के प्रधान न्यायाधीश द्वारा की गई घोषणाएं भी शामिल हैं। उच्चतम न्यायालय की वेबसाइट पर संपत्ति की घोषणा स्वैच्छिक आधार पर की जाएगी।’’