चेन्नई, दो अप्रैल (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने प्रस्तावित परिसीमन संबंधी चिंताओं पर एक ज्ञापन सौंपने के लिए बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात का समय देने का अपना अनुरोध एक बार फिर से दोहराया।
स्टालिन ने प्रधानमंत्री मोदी को कुछ दिन पहले किए गए अपने अनुरोध की याद दिलाई जिसमें उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों के साथ उनसे मिलने का समय मांगा था, ताकि वह प्रस्तावित परिसीमन से संबंधित चिंताओं पर उन्हें एक ज्ञापन सौंप सकें।
स्टालिन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ जैसा कि पहले बताया गया है, हम अपने लोगों के लिए इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर अपना एकजुट रुख बताने के लिए आपका समय चाहते हैं। आपकी शीघ्र प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।’’
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक पत्र भी पोस्ट किया, जो उन्होंने 27 मार्च 2025 को प्रधानमंत्री को लिखा था। पत्र में स्टालिन ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से बातचीत करने का अनुरोध किया था।
स्टालिन ने अपने पत्र में कहा, ‘‘ 22 मार्च, 2025 को चेन्नई में निष्पक्ष परिसीमन पर संयुक्त कार्रवाई समिति की पहली बैठक आयोजित की गई, जो एक ऐतिहासिक बैठक थी जिसमें देश भर से विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं का प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और प्रमुख नेता एक साथ आए। ’’
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष ने कहा, ‘‘ हमारे विचार-विमर्श से उभरने वाली आवाजें राजनीतिक सीमाओं से परे हैं और इनमें विविध क्षेत्रों के नागरिकों की चिंताएं शामिल हैं, जो हमारे संसदीय लोकतंत्र में निष्पक्ष प्रतिनिधित्व चाहते हैं। चूंकि, यह मुद्दा हमारे राज्यों और नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए संयुक्त कार्रवाई समिति की ओर से औपचारिक रूप से ज्ञापन प्रस्तुत करने के लिए मैं आपसे मुलाकात का अनुरोध करता हूं ।’’