नयी दिल्ली, पांच अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार द्वारा चार ‘मल्टी-ट्रैकिंग’ (एक खंड पर कई पटरियों का निर्माण) रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दिए जाने से संपर्क संबंधी बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, लोगों के लिए सुविधा बढ़ेगी, लागत में कमी आएगी और आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी।
एक सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मोदी ने रेल मंत्रालय की चार परियोजनाओं को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए यह बात कही। इन परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 18,658 करोड़ रुपये है।
महाराष्ट्र, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के 15 जिलों में फैली इन चार परियोजनाओं से भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 1,247 किलोमीटर की वृद्धि होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘वाइब्रेंट विलेज’ कार्यक्रम के दूसरे चरण को कैबिनेट की मंजूरी मिलना सीमावर्ती गांवों में बेहतर जीवन स्तर सुनिश्चित करने की दिशा में एक ‘‘असाधारण खबर’’ है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस मंजूरी के साथ हम ‘वाइब्रेंट विलेज’ के पहले चरण में कवर किए गए गांवों के दायरे का भी विस्तार कर रहे हैं।’’
इस कार्यक्रम का उद्देश्य जीवन संबंधी स्थितियों को बेहतर बनाना और आजीविका के पर्याप्त अवसर सृजित करना है ताकि समृद्ध और सुरक्षित सीमाएं सुनिश्चित की जा सकें, सीमा पार अपराधों पर लगाम लगाई जा सके और सीमा पर रहने वाले लोगों को राष्ट्र के साथ एकीकृत किया जा सके तथा उन्हें ‘सीमा सुरक्षा बलों की आंख और कान’ के रूप में तैयार किया जा सके जो कि आंतरिक सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
एक बयान में कहा गया है कि 6,839 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय वाला यह कार्यक्रम 2028-29 तक अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गुजरात, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के रणनीतिक रूप से अहम चुनिंदा गांवों में लागू किया जाएगा।