प्रधानमंत्री मोदी ने बिम्सटेक देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए 21 सूत्री कार्ययोजना का प्रस्ताव रखा
Focus News 4 April 2025 0
बैंकॉक, चार अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘बिम्सटेक’ (बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल) समूह को नयी गति प्रदान करने के उद्देश्य से शुक्रवार को 21 सूत्री कार्ययोजना का प्रस्ताव रखा, जिसमें भारत के यूपीआई (यूनिफायड पेमेंट इंटरफेस) को बिम्सटेक देशों की भुगतान प्रणालियों से जोड़ना और समूह के सदस्यों के बीच सहभागिता को मजबूत करने के लिए ‘बिम्सटेक चैंबर ऑफ कॉमर्स’ की स्थापना करना शामिल है।
यहां छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समूह वैश्विक कल्याण को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है।
मोदी ने एक्स पर लिखा, ‘‘यह जरूरी है कि हम इसे मजबूत करें और अपने जुड़ाव को और गहरा करें। इस संदर्भ में, मैंने हमारे सहयोग के विभिन्न पहलुओं को शामिल करते हुए 21 सूत्री कार्य योजना का प्रस्ताव रखा है।’’
कार्य योजना में मानव संसाधन अवसंरचना के संगठित विकास के लिए ‘बोधि’ या ‘बिम्सटेक फॉर ऑर्गेनाइज्ड डेवलपमेंट ऑफ ह्यूमन रिसोर्स इंफ्रास्ट्रक्चर’ पहल भी शामिल है। इसके तहत, बिम्सटेक देशों के 300 युवाओं को हर साल भारत में प्रशिक्षित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘बिम्सटेक में क्षमता निर्माण ढांचे का एक शानदार उदाहरण बनने की क्षमता है। हम सभी एक-दूसरे से सीखेंगे और आगे बढ़ेंगे।’’
योजना के तहत, उन्होंने डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) के अनुभव को साझा करने के वास्ते बिम्सटेक देशों की जरूरतों को समझने के लिए एक प्रायोगिक अध्ययन का प्रस्ताव रखा।
मोदी ने कहा, ‘‘इसके अलावा, मैं भारत के यूनिफायड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) को बिम्सटेक क्षेत्र में भुगतान प्रणालियों से जोड़ने का प्रस्ताव करता हूं। इससे व्यापार, उद्योग और पर्यटन को सभी स्तरों पर लाभ होगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आइए आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) क्षेत्र की समृद्ध क्षमता का दोहन करें और बिम्सटेक को तकनीकी रूप से मजबूत बनाएं।’’
बिम्सटेक देशों में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री ने ‘बिम्सटेक चैंबर ऑफ कॉमर्स’ की स्थापना करने, वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन आयोजित करने तथा क्षेत्र के भीतर स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर विचार करने का भी प्रस्ताव रखा।
संबोधन की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने 28 मार्च को आए विनाशकारी भूकंप में म्यांमा और थाईलैंड में हुई जान-माल की हानि पर अपनी संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने कहा, ‘‘म्यांमा और थाईलैंड में आए हालिया भूकंप ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में मिलकर काम करने की आवश्यकता को रेखांकित किया है।’’
उन्होंने आपदा प्रबंधन, राहत और पुनर्वास में सहयोग के लिए भारत में ‘बिम्सटेक उत्कृष्टता केंद्र’ की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा।
बिम्सटेक आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के बीच चौथा संयुक्त अभ्यास इस वर्ष भारत में आयोजित किया जाएगा।
थाईलैंड द्वारा आयोजित बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भारत, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमा, श्रीलंका और भूटान के नेता भाग ले रहे हैं।
बिम्सटेक एक क्षेत्रीय पहल है जिसमें भारत के पड़ोसी देश थाईलैंड, म्यांमा, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल और श्रीलंका शामिल हैं।
बिम्सटेक शिखर सम्मेलन ने बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में समृद्धि, सुरक्षा और समावेशिता के लिए साझा प्रतिबद्धता को साकार करने के वास्ते ‘बैंकॉक विजन 2030’ को अपनाया।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘बिम्सटेक दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया को जोड़ने वाले सेतु के रूप में काम करता है। यह क्षेत्रीय संपर्क, सहयोग और समृद्धि के नए रास्ते खोलने के लिए एक प्रभावी मंच के रूप में उभर रहा है।’’
उन्होंने दक्षता विकास, अनुसंधान, नवाचार और समुद्री नीतियों में समन्वय बढ़ाने के लिए भारत में एक सतत समुद्री परिवहन केंद्र की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मुक्त, खुला, संरक्षित और सुरक्षित हिंद महासागर हमारी साझा प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘आज जिस समुद्री परिवहन समझौते पर हस्ताक्षर किए गए, वह व्यापारिक नौवहन और माल परिवहन में सहयोग को मजबूत करेगा तथा व्यापार को गति देगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह केंद्र समुद्री नीतियों में दक्षता विकास, अनुसंधान, नवाचार और समन्वय पर ध्यान केंद्रित करेगा। यह समुद्री सुरक्षा में सहयोग को भी बढ़ावा देगा।’’
प्रधानमंत्री ने बिम्सटेक समूह के दायरे और दक्षता को लगातार बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया, गृह मंत्रियों के तंत्र को संस्थागत बनाने का स्वागत किया और भारत में पहली बैठक आयोजित करने की पेशकश की।
उन्होंने कहा, ‘‘यह मंच साइबर अपराध, साइबर सुरक्षा खतरों, आतंकवाद और नशीली दवाओं तथा मानव तस्करी के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस संबंध में, मैं इस वर्ष इसकी पहली बैठक भारत में आयोजित करने का प्रस्ताव करता हूं।’’
उन्होंने बिम्सटेक देशों के लिए मानव संसाधन प्रशिक्षण, नैनो सैटेलाइट के निर्माण और प्रक्षेपण तथा रिमोट सेंसिंग डेटा के उपयोग के वास्ते ‘ग्राउंड स्टेशन’ स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आइए हम अपने सहयोग को अंतरिक्ष की दुनिया में ले जाएं। आइए हम अपने सुरक्षा तंत्र को भी मजबूत बनाएं।’’
योजना के प्रशिक्षण और दक्षता विकास पहल के तहत मोदी ने भारत के वन अनुसंधान संस्थान और नालंदा विश्वविद्यालय में बिम्सटेक छात्रों को छात्रवृत्ति देने का प्रस्ताव रखा, जो बिम्सटेक देशों के युवा राजनयिकों के लिए हर साल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम है।
‘टाटा मेमोरियल सेंटर’ बिम्सटेक देशों में कैंसर देखभाल में प्रशिक्षण और दक्षता विकास में सहायता करेगा।
उन्होंने पारंपरिक चिकित्सा में अनुसंधान और प्रसार के लिए उत्कृष्टता केंद्र एवं किसानों के लाभ के लिए ज्ञान और सर्वोत्तम प्रथाओं, अनुसंधान और दक्षता विकास के आदान-प्रदान के लिए भारत में उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना का भी सुझाव दिया।
योजना के अनुसार, ‘कनेक्टिविटी’ और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए इस साल भारत में बिम्सटेक पारंपरिक संगीत महोत्सव आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने ‘इलेक्ट्रिक ग्रिड इंटरकनेक्शन’ पर तेजी से काम करने का भी प्रस्ताव रखा।
उन्होंने कहा कि युवाओं की भागीदारी के लिए इस वर्ष बिम्सटेक युवा नेताओं का शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा और ‘बिम्सटेक हैकाथॉन’ तथा ‘यंग प्रोफेशनल विजिटर्स’ कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
उन्होंने इस वर्ष भारत में ‘बिम्सटेक एथलेटिक्स मीट’ आयोजित करने और 2027 में पहले बिम्सटेक खेलों की मेजबानी करने का प्रस्ताव रखा।
मोदी ने कहा, ‘‘हम सामूहिक रूप से बिम्सटेक को सक्रिय करेंगे और हमारे युवा ही इसका नेतृत्व करेंगे।’’