नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि रेल दुर्घटनाओं की संख्या 400 से घट कर 81 रह गई है तथा इसमें और कमी लाने के लिए हर प्रयास किया जा रहा है।
सदन में प्रश्नकाल के दौरान, वैष्णव ने पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान हुई रेल दुर्घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘लालू जी के समय प्रतिवर्ष करीब 700 दुर्घटनाएं हुई थीं, ममता जी के समय 400 और खरगे जी के समय 385 दुर्घटनाएं हुई थीं। लेकिन कुछ ही दिन पहले समाप्त हुए वित्त वर्ष (2023-24) में यह संख्या घट कर 81 रह गई है।’’
लालू प्रसाद, ममता बनर्जी और मल्लिकार्जुन खरगे रेल मंत्री रह चुके हैं।
वैष्णव ने यह भी कहा कि देश में रेल दुर्घटनाओं में और कमी लाने के लिए नयी प्रौद्योगिकी अपनाने और प्रशिक्षण पद्धतियों सहित अन्य माध्यमों से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
रेल यात्रा के दौरान, अपराधों की प्राथमिकी दर्ज करने में विलंब होने के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि प्रत्येक राज्य की जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) और आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) के बीच निरंतर समन्वय रहता है और ‘जीरो एफआईआर’ की प्रणाली के कार्यान्वयन से मुद्दों को सुलझाने में मदद मिलेगी।
वैष्णव ने विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के बारे में भाजपा की पूनमबेन हेमतभाई माडम के सवाल का जवाब देते हुए यह भी कहा कि रेलवे में सुरक्षा में बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने कहा, ‘‘कई सारे रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाये गए हैं और साल-डेढ़ साल में हर स्टेशन पर यह लग जाएगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आरपीएफ में वर्तमान में 9.4 प्रतिशत महिला कर्मी हैं।’’