नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने बुधवार को मांग की कि मोदी सरकार शिक्षा, रोजगार और स्थानीय निकायों में पिछड़ा वर्ग (बीसी) के लिए आरक्षण बढ़ाकर 42 प्रतिशत करने वाले राज्य के विधेयकों को मंजूरी दे।
जंतर मंतर पर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग कल्याण संघों द्वारा आयोजित एक विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार ने विधेयकों को जल्द मंजूरी देने के लिए केंद्र सरकार से कई बार अनुरोध किया लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
उन्होंने कहा, ‘‘कई बार केंद्र से अनुरोध किया गया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसलिए हम यहां विरोध करने आए हैं।’’
राज्य विधानसभा ने 17 मार्च को शैक्षणिक संस्थानों, रोजगार और ग्रामीण एवं स्थानीय शहरी निकायों के चुनावों में पिछड़ा वर्ग आरक्षण को 23 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत करने के लिए दो विधेयक पारित किए।
इन विधेयकों को केंद्र की मंजूरी की आवश्यकता है क्योंकि प्रस्तावित पिछड़ा वर्ग आरक्षण, 50 प्रतिशत की सीमा को पार कर जायेगा।
रेड्डी ने पूछा, ‘‘हमने आरक्षण विधेयक केंद्र को भेजा है। हम (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी से कह रहे हैं कि हम इसे गुजरात या उत्तर प्रदेश या मध्यप्रदेश में नहीं, बल्कि अपने राज्य में लागू करना चाहते हैं। अगर हम अपने राज्य में 42 प्रतिशत आरक्षण देना चाहते हैं, तो मोदी को इसे मंजूरी देने में क्या समस्या है?’’
मुख्यमंत्री ने मोदी से राज्य सरकार की चिंताओं को सुनने और विधेयक को मंजूरी देने की अपील की।
उन्होंने कहा, ‘‘हम इसे लागू करने के लिए तैयार हैं, विधेयक को मंजूरी दें।’’
रेड्डी ने कहा, ‘‘ मुझे इस बात की चिंता नहीं है कि आप इसे पूरे देश में लागू करेंगे या नहीं। मुझे इस बात की चिंता नहीं है कि आप इसे अपने गुजरात में लागू करेंगे या नहीं। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के तौर पर हमने विधानसभा में इसे बढ़ाकर 42 प्रतिशत करने का फैसला किया है। आपको क्या समस्या है।’’
उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार को केंद्र में सत्ता में रहकर राज्य पर हावी होने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।