कोलकाता, तीन अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह न्यायपालिका का बहुत सम्मान करती हैं, लेकिन विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्तियों को अमान्य करार देने संबंधी उच्चतम न्यायालय के फैसले को वह स्वीकार नहीं कर सकतीं।
शीर्ष अदालत ने राज्य संचालित विद्यालयों के 25,753 शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति को अवैध करार दिया है।
बनर्जी ने राज्य सचिवालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उनकी सरकार उच्चतम न्यायालय के फैसले का पालन करेगी, यद्यपि अन्य कानूनी विकल्पों पर भी विचार कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं न्यायपालिका और न्यायाधीशों का बहुत सम्मान करती हूं, लेकिन मानवीय दृष्टिकोण से मैं इस फैसले को स्वीकार नहीं कर सकती।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इस देश के नागरिक के रूप में मुझे अपनी राय रखने का पूरा अधिकार है। मैं न्यायाधीश और न्यायपालिका का सम्मान करती हूं, लेकिन मैं फैसले से सहमत नहीं हो सकती।’’
प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने नियुक्तियों को रद्द करने संबंधी कलकत्ता उच्च न्यायालय के 22 अप्रैल 2024 के फैसले को बरकरार रखते हुए तृणमूल सरकार को नये सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया।
बनर्जी ने कहा, ‘‘हमें फैसले को स्वीकार करना होगा और कानूनी रूप से जो भी संभव होगा वह किया जाएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एसएससी (स्कूल सेवा आयोग) एक स्वायत्त निकाय है। हम, राज्य सरकार के रूप में, उनके काम में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। हम अदालत के फैसले का पालन करेंगे।’’
मुख्यमंत्री ने विद्यालय भर्ती ‘घोटाला’ मामले में तृणमूल नेता पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए सवाल किया, ‘‘हमारे पूर्व शिक्षा मंत्री जेल में हैं, लेकिन व्यापमं मामले में कितने भाजपा नेताओं को गिरफ्तार किया गया?’’
व्यापमं घोटाला मध्य प्रदेश से जुड़ा प्रवेश एवं भर्ती ‘घोटाला’ है।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जानबूझकर राज्य की शिक्षा प्रणाली को निशाना बना रही है। उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या भाजपा पश्चिम बंगाल की शिक्षा प्रणाली को ध्वस्त करना चाहती है?’’
बनर्जी ने कहा कि वह उन लोगों का साथ देंगी, जिन्होंने अपनी नौकरी गंवाई है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पता है कि अभ्यार्थी उदास हैं और मैं उनसे मिलूंगी। मैं मानवीय आधार पर उनके साथ हूं। मैं उनसे कहूंगी कि वे उम्मीद न खोएं।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमारे वकील इस मामले की समीक्षा करेंगे। अगर भाजपा मुझे उनका समर्थन करने के लिए जेल भेजना चाहती है, तो वे ऐसा कर सकते हैं। ’’