नयी दिल्ली, तीन अप्रैल (भाषा) सेमीकंडक्टर उद्योग संगठन भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (आईईएसए) ने बृहस्पतिवार को कहा कि अमेरिकी शुल्क से सेमीकंडक्टर को ‘‘छूट’’ दी गई है जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में उसकी आधारभूत भूमिका को दर्शाता है।
आईईएसए ने साथ ही कहा कि भारत के लिए अमेरिका सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और इस बात को ध्यान में रखते हुए जवाबी शुल्क भारत के समग्र निर्यात के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करते हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो अप्रैल को वैश्विक व्यापार व अर्थव्यवस्था पर अमेरिका की भागीदारी की शर्तों को फिर से परिभाषित करते हुए व्यापक जवाबी शुल्क की घोषणा की। ट्रंप ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए इस दिन को अमेरिका का ‘‘मुक्ति दिवस’’ करार दिया।
अमेरिका ने भारत से आयात पर 27 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की है।
आईईएसए के अध्यक्ष अशोक चांडक ने कहा कि शुल्क बढ़ोतरी की गति तथा पैमाने से वैश्विक वृद्धि धीमी हो सकती है, बाजार में अनिश्चितता उत्पन्न हो सकती है और दुनिया भर में व्यवसायों पर दबाव पड़ सकता है।
चांडक ने कहा, ‘‘ हालांकि भारत कई अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में बेहतर स्थिति में है। ये शुल्क संभावित रूप से घरेलू उद्योगों को प्रभावित कर सकते हैं, व्यापार प्रवाह को बाधित कर सकते हैं और लाभ मुनाफे को कम कर सकते हैं।’’
भू-राजनीतिक व आर्थिक परिदृश्य के विकास के साथ भारत को जोखिमों को कम करने और वैश्विक व्यापार में अपनी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त बनाए रखने के लिए व्यापार कूटनीति, घरेलू नीतिगत बदलावों और औद्योगिक लचीलेपन का लाभ उठाते हुए तेजी से रणनीति बनानी चाहिए।
चांडक ने कहा कि सेमीकंडक्टर व दवा कंपनियों को शुल्क से छूट दी गई है जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं व सार्वजनिक स्वास्थ्य में उनकी आधारभूत भूमिका को मान्यता देता है।
अमेरिका ने भारत से आयात पर 27 प्रतिशत शुल्क लगाया है, जबकि चीन (34 प्रतिशत), यूरोपीय संघ (20 प्रतिशत), वियतनाम (46 प्रतिशत) और ताइवान (32 प्रतिशत) सहित कई देशों के लिए शुल्क की ऊंची दरें तय की गई हैं।