भारतीय राइफल निशानेबाज नीरज कुमार को आईएसएसएफ विश्व कप में पीला कार्ड दिखाया गया

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नयी दिल्ली, पांच अप्रैल (भाषा) भारत के पुरुष 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन निशानेबाज नीरज कुमार ब्यूनस आयर्स में आईएसएसएफ विश्व कप के फाइनल में प्रतिस्पर्धा करते समय एक अजीब स्थिति में पहुंच गए जब प्रतियोगिता में उन्हें पीला कार्ड दिखाया गया।

जूरी ने उनके फायरिंग स्टेशन पर उनसे संपर्क किया और पीला कार्ड दिखाया जिससे यह 25 वर्षीय निशानेबाज हैरान हो गया।

निशानेबाजी में नियमों के पहले उल्लंघन के लिए पीला कार्ड जारी किया जाता है जैसे रेंज उपकरण में हस्तक्षेप करना या बिना आदेश के हथियार लोड करना।

लेकिन नीरज के मामले में पीला कार्ड दिखाया जाना हैरानी भरा था क्योंकि वह आकस्मिक विस्फोट को रोकने के लिए अपनी बन्दूक को सुरक्षित करने के लिए ‘बोर लॉक’ का उपयोग कर रहे थे और यह ऐसी चीज है जो निशानेबाजों द्वारा नियमित रूप से किया जाता है।

नीरज ने फाइनल में सातवें स्थान पर रहे।

तीन भारतीय निशानेबाजों ने सत्र के पहले विश्व कप में 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन फाइनल में जगह बनाई थी जिसमें नीरज के अलावा शुक्रवार को कांस्य पदक जीतने वाले चैन सिंह और दो बार के ओलंपियन ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर शामिल थे।

हंगरी के इस्तवान पेनी ने स्वर्ण (461.0) जीता। चीन के तियान जियामिंग (458.8) ने रजत और चैन ने 443.7 अंक हासिल करके कांस्य पदक जीता।

भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के सचिव राजीव भाटिया ने शनिवार को कहा, ‘‘यह हमारे लिए हैरानी की बात थी कि नीरज को पीले कार्ड की चेतावनी क्यों जारी की गई। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने भारतीय दल के साथ आए राइफल कोच मनोज कुमार से बात की और उन्होंने कहा कि नीरज की कोई गलती नहीं थी। नीरज अपनी आखिरी गोली चलाने के बाद बंदूक की नली में रबर की स्लिंग या पाइप (बोर लॉक) डालकर अपनी राइफल को सुरक्षित कर रहा था। नीरज ने स्क्रीन पर अपने स्कोर देखे जिसमें दिखाया गया कि वह सातवें स्थान पर था जिसके बाद उसने अपनी नली में बोर लॉक लगाया। ’’

भाटिया ने कहा, ‘‘लेकिन जूरी ने सोचा कि नीरज के हाथ में गोली है (आईएसएसएफ नियमों के तहत इसकी अनुमति नहीं है) और उसे पीला कार्ड दिखाया। ’’

नीरज ने जूरी से कहा कि यह गोली नहीं बल्कि बोर लॉक था, लेकिन तब तक उसे पीला कार्ड दिखाया जा चुका था।

यह पूछे जाने पर कि क्या एनआरएआई पीले कार्ड का विरोध करेगा तो भाटिया ने कहा, ‘‘जो हो गया सो हो गया। अगर वह पदक की दौड़ में होता तो हम विरोध करते लेकिन वह सातवें स्थान पर रहा। ’’

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