भुवनेश्वर, दो अप्रैल (भाषा) ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने बुधवार को विधानसभा में बताया कि पिछले पांच वर्षों के दौरान राज्य में विद्युत स्पर्शाघात से 391 व्यक्तियों और 27 हाथियों की मौत हुई।
ओडिशा विधानसभा में एक लिखित बयान में सिंह देव ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2020-21 और 2024-25 के दौरान राज्य में चार बिजली वितरण कंपनियों के क्षेत्रों में बिजली के झटके से मौत के मामले सामने आए हैं।
टाटा पावर वेस्टर्न ओडिशा डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीडब्ल्यूओडीएल) में ऐसी मौतों के सबसे अधिक मामले सामने आए।
उन्होंने बताया कि टीपीडब्ल्यूओडीएल क्षेत्र में इस अवधि के दौरान कर्मचारियों और 17 हाथियों सहित कुल 178 लोगों की बिजली का करंट लगने से मौत हो गई।
इसी प्रकार, ऊर्जा विभाग का प्रभार संभाल रहे सिंह देव ने बताया कि टीपी नॉर्थ ओडिशा डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीएनओडीएल) में बीते पांच वर्षों के दौरान बिजली का करंट लगने से 106 लोगों और नौ हाथियों की मौत हो गई।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि टीपी साउथ ओडिशा डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीएसओडीएल) में बिजली के झटके से 91 लोगों और एक हाथी की मौत की खबर है, जबकि टीपी सेंट्रल ओडिशा डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीसीओडीएल) में इस अवधि के दौरान बिजली के झटके से 16 लोगों की मौत हुई।
उन्होंने कहा कि सरकार ने इन मौतों के लिए जिम्मेदार 107 अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।