कोलकाता, चार अप्रैल (भाषा) कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के उप-कप्तान वेंकटेश अय्यर का मानना है कि उन्हें 23.75 करोड़ रुपए की धनराशि मिलने का यह मतलब नहीं है कि उन्हें प्रत्येक मैच में बड़ा स्कोर बनाना होगा तथा उन्होंने कहा कि उनका ध्यान टीम के लिए प्रभावशाली प्रदर्शन करने पर है।
केकेआर ने मेगा नीलामी में राइट टू मैच कार्ड का इस्तेमाल करके वेंकटेश को फिर से अपनी टीम से जोड़ा था लेकिन वह पहले दो मैच में केवल नौ रन बना पाए थे। उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 29 गेंद पर 60 रन की पारी खेल कर अपनी टीम की 80 रन से जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वेंकटेश ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘ मैं झूठ नहीं बोलूंगा, थोड़ा दबाव है। आप लोग इसको लेकर इतनी चर्चा कर रहे हैं। लेकिन (केकेआर में) सबसे अधिक धनराशि पाने वाला खिलाड़ी होने का मतलब यह नहीं है कि मुझे हर मैच में रन बनाने होंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह इससे जुड़ा है कि मैं टीम के लिए कैसे मैच जीत सकता हूं और मैं क्या प्रभाव डाल सकता हूं। इसको लेकर दबाव नहीं है कि मुझे कितनी धनराशि मिल रही है या मैं कितने रन बना रहा हूं। मुझ पर इस तरह का दबाव कभी नहीं रहा।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या केकेआर में सबसे अधिक धनराशि पाने वाले खिलाड़ी होने का दबाव आखिरकार हट गया, वेंकटेश ने मुस्कुराते हुए उल्टा सवाल दाग दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘आप ही मुझे बताएं। मैं आईपीएल के शुरू से कह रहा हूं कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपको 20 लाख या 20 करोड़ मिल रहे हैं। मैं टीम का एक खिलाड़ी हूं जो टीम की जीत में योगदान देना चाहता है।’’
वेंकटेश ने कहा, ‘‘कभी-कभी हमें मुश्किल परिस्थितियों का भी सामना करना होगा जहां मेरा काम कुछ ओवर खेलना होगा, और अगर मैं ऐसा करता हूं और रन नहीं बनाता हूं, तो भी मैंने अपनी टीम के लिए योगदान दिया।’’
कोलकाता के बल्लेबाज पहले दो मैच में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। उनमें आक्रामकता का अभाव दिखा लेकिन वेंकटेश ने कहा कि उनकी टीम सोची समझी आक्रामकता पर विश्वास करती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आक्रामकता का मूल अर्थ सकारात्मक इरादे दिखाना है। यह सकारात्मक लेकिन सही इरादे दिखाने से जुड़ा है। आक्रामकता का मतलब हर गेंद पर छक्के लगाना नहीं है।’’