कांग्रेस शासन में मजबूत आव्रजन कानून नहीं होने से घुसपैठ को बढ़ावा मिला : भाजपा सांसद रेखा शर्मा

0
09_12_2024-rekha_sharma_profile_23844923_m

नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) राज्यसभा में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी की एक सदस्य ने दावा किया कि कांग्रेस के शासन में मजबूत आव्रजन कानून नहीं होने के कारण देश में घुसपैठ को बढ़ावा मिला जिसमें आतंकवादी एवं राष्ट्र विरोधी तत्व शामिल हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि आव्रजन के मामले में कठोर कानून बनाना समय की मांग है।

उच्च सदन में आप्रवास एवं विदेशियों विषयक विधेयक, 2025 पर हो रही चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा की रेखा शर्मा ने इसे एक महत्वपूर्ण और साहसी कदम एवं समय की मांग बताया। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के प्रावधानों से ‘‘हमारी सीमाओं, अर्थव्यव्यवस्था और समृद्ध संस्कृति की रक्षा करने में मदद मिलेगी।’’

उन्होंने कहा कि गैर कानूनी आव्रजन न केवल नीतिगत विफलता है, बल्कि उन लोगों से भी विश्वासघात है जो कानून का पालन करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी देश की सीमाएं असुरक्षित होंगी तो वह देश कमजोर हो जाएगा।

शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासन में देश के भीतर लाखों लोगों की, विशेषकर बांग्लादेशियों की घुसपैठ के प्रति आंख मूंद ली गयी। उन्होंने कहा कि विधि आयोग ने अपनी एक रिपोर्ट में गैर कानूनी ढंग से हो रही घुसपैठ के बारे में गहरी चिंता जतायी है।

उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय के एक आकलन के अनुसार, भारत में 1.5 करोड़ से 1.8 करोड़ बांग्लादेशी गैर कानूनी तरीके से रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि अकेले पश्चिम बंगाल में ऐसे लोगों की संख्या बढ़कर 54 लाख हो गयी है।

भाजपा सदस्य ने कहा कि देश में कठोर आव्रजन कानून नहीं होने के कारण आतंकवादियों एवं राष्ट्र विरोधी लोगों सहित विदेशी तत्वों को भारत की सीमाओं को पार कर घुसपैठ करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एवं उसकी खुफिया एजेंसी ने इस स्थिति का फायदा उठाते हुए भारत में लोगों को, जाली मुद्रा और हथियारों को भेजना शुरू कर दिया।

उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश ने पश्चिम बंगाल सरकार की अल्पसंख्यकों के तुष्टिकरण की नीति का लाभ उठाते हुए अपने लोगों की भारत में घुसपैठ करवायी।

उन्होंने कहा कि आव्रजन कानूनों के कारण आतंकवादी तत्व भारत आने में सक्षम हो पाए। उन्होंने मुंबई पर हुए आतंकी हमलों और ऐसी अन्य घटनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस के दौर की राजनीति देश में मजबूत शरणार्थी नीति बनाने में विफल रही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *