भारती एयरटेल ने स्पेक्ट्रम बकाया मद में 5,985 करोड़ रुपये का समय से पहले भुगतान किया

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नयी दिल्ली, 26 मार्च (भाषा) भारती एयरटेल और उसकी अनुषंगी भारती हेक्साकॉम ने उच्च लागत वाली स्पेक्ट्रम देनदारी के लिए दूरसंचार विभाग को समय से पहले 5,985 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया है। दूरसंचार कंपनी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

एयरटेल की अनुषंगी कंपनी नेटवर्क आई2आई ने भी स्वैच्छिक रूप से एक अरब डॉलर मूल्य की ‘स्थायी प्रतिभूतियों’ (परपेचुअल बॉन्ड) को भुनाया है।

सुनील मित्तल की अगुवाई वाली कंपनी ने कहा, ‘‘भारती एयरटेल और उसकी अनुषंगी कंपनी भारती हेक्साकॉम ने दूरसंचार विभाग को अतिरिक्त 5,985 करोड़ रुपये का समय से पहले भुगतान किया है। इसके साथ 2024 की नीलामी से संबंधित 8.65 प्रतिशत की उच्च लागत वाली ब्याज देनदारियों का समय से पहले पूरा भुगतान हो गया है।’’

कंपनी के अनुसार, ‘‘एयरटेल ने अपनी उच्च लागत वाली स्पेक्ट्रम देनदारियों का अग्रिम भुगतान जारी रखा है। इससे उसका कर्ज और ऋण की लागत कम हो रही है। यह वित्तीय सूझबूझ, परिचालन दक्षता और मजबूत पूंजी स्थिति के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’’

एयरटेल ने अब चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए उच्च लागत वाली स्पेक्ट्रम देनदारियों के 25,981 करोड़ रुपये का समय पूर्व भुगतान कर दिया है। इसके साथ कंपनी ने अबतक संचयी रूप से स्पेक्ट्रम देनदारी मद में 66,665 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।

कंपनी के अनुसार, ‘‘इन भुगतान के परिणामस्वरूप, एयरटेल ने स्पेक्ट्रम देनदारियों पर अपने ऋण की लागत को घटाकर औसतन लगभग 7.22 प्रतिशत कर दिया है। यह लागत शेष 52,000 करोड़ रुपये की स्पेक्ट्रम देनदारियों (समयोजित सकल राजस्व देनदारियों को छोड़कर) पर है।’’

इसके अलावा, एयरटेल की अनुषंगी कंपनी नेटवर्क आई2आई लि. ने स्वेच्छा से ‘कॉल ऑप्शन’ का प्रयोग किया है और वित्त वर्ष 2019-20 में जारी किए गए एक अरब डॉलर की स्थायी प्रतिभूतियों को भुनाया है।

‘कॉल ऑप्शन’ एक प्रकार का अधिकार है (पर बाध्यता नहीं), जिसके तहत स्थायी बॉन्ड जारी करने वालों को एक विशिष्ट समय पर या कुछ निश्चित शर्तों के तहत बॉन्ड को भुनाने की अनुमति होती है। हालांकि, इस प्रकार के बॉन्ड की सैद्धांतिक रूप से कोई परिपक्वता तिथि नहीं होती है।

एयरटेल ने कहा, ‘‘वैसे इन स्थायी प्रतिभूतियों की कोई अनुबंधित परिपक्वता नहीं थी और उन पर 5.65 प्रतिशत की ब्याज दर थी…।’’

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