भारत का विकास संबंधी अनुभव अन्य देशों के लिए मिसाल बन सकता है: सीईए नागेश्वरन

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जोहानिसबर्ग, 27 फरवरी (भाषा) सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा कि भारत के विकास संबंधी अनुभव अन्य देशों के लिए मिसाल बन सकते हैं।

नागेश्वरन ने यहां दक्षिण अफ्रीका और भारत के प्रमुख प्रवासी व्यापारिक नेताओं की संगोष्ठी में मंगलवार को यह बात की। भारतीय उच्चायोग, जोहानिसबर्ग स्थित महावाणिज्य दूतावास और सीआईआई इंडिया व्यापार मंच द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित संगोष्ठी में नागेश्वरन मुख्य वक्ता थे। सीआईआई इंडिया व्यापार मंच दक्षिण अफ्रीका में निवेश करने वाली 150 से अधिक भारतीय कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है।

नागेश्वरन ने कहा, ‘‘‘ भारत सबसे अधिक आबादी वाला देश है जो लोकतांत्रिक राजनीति के संदर्भ में और संघीय शासन संरचना के संदर्भ में खुद को एक विकसित राष्ट्र में बदलने की कोशिश कर रहा है। इसलिए, भारत के अनुभव (दक्षिण अफ्रीका) सहित कई देशों के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकते हैं। ’’

उन्होंने विकसित भारत योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘भारत सदैव उत्साह व अवसरों की भूमि रहेगा जहां अन्य देशों के लिए सीखने के अनेक सार्वजनिक नीति प्रतिमान होंगे क्योंकि हम अगले 25 वर्षों में 3000 अरब से 13000 अरब तक की यात्रा करेंगे।’’

नागेश्वरन ने यह भी सुझाव दिया कि नए वैश्विक परिवेश में साझेदारी के प्रति बदले हुए दृष्टिकोण की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘ पिछले विश्व युद्ध के बाद से किसी भी समय देशों को एक-दूसरे पर इतना निर्भर होने की आवश्यकता नहीं पड़ी जितनी कि अब है।’’

मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा, ‘‘ हमें खुले विचारों वाला होना चाहिए। इसलिए हम साझेदारी बनाने में चुनाव नहीं कर सकते बल्कि अवसरवादी बनें क्योंकि दुनिया अभी उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। …हमें खुद को किसी स्थिति में बांधकर नहीं रखना चाहिए।’’

कार्यक्रम में एक अन्य वक्ता ‘गौतेंग ग्रोथ एंड डेवलपमेंट एजेंसी’ के साकी जामक्साका ने कहा कि भारत के साथ साझेदारी के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में खनिज संसाधन भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ जैसा कि हम अपने खनिज संवर्धन का निर्माण कर रहे हैं, जो कि अवसर का एक हिस्सा है, क्योंकि ऐसे खनिज हैं जो भारत के विकास के लिए आवश्यक होंगे, जिन्हें हम निर्यात कर सकते हैं।’’

आईबीएफ के अध्यक्ष निहार पटनायक ने भारत में विविध क्षेत्रों में तेजी से हो रहे विकास का उल्लेख किया।

पटनायक ने कहा, ‘‘ हम भारत के हर कोने से स्टार्टअप और युवा अरबपतियों को उभरते हुए देख रहे हैं।’’

उच्चायुक्त प्रभात कुमार ने कहा कि भारत वर्तमान में चीन और अमेरिका के बाद दक्षिण अफ्रीका का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, हालांकि उन्हें विश्वास है कि वह जल्द दूसरा सबसे बड़ा साझेदार बन जाएगा।

कुमार ने कहा, ‘‘ जर्मनी और भारत इस स्थान के लिए होड़ कर रहे हैं। चीन बहुत बड़ा है, लेकिन निकट भविष्य में हम अपने सभी लोगों के सहयोग से निर्यात और आयात दोनों में नंबर दो बन सकते हैं।’’