आतिशी, निलंबित आप विधायकों को दिल्ली विधानसभा गेट पर रोके जाने के बाद आप ने ‘धरना’ दिया

0
aswe34rewdsaz

नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी और आम आदमी पार्टी (आप) के अन्य विधायकों को बृहस्पतिवार को विधानसभा परिसर में प्रवेश से रोके जाने बाद आप विधायकों ने परिसर के बाहर धरना दिया।

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) वालों ने सरकार में आते ही ‘‘तानाशाही की हदें पार कर दीं।’’

मंगलवार को उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना के अभिभाषण के दौरान सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के कारण आप विधायकों को विधानसभा से निलंबित कर दिया गया था। आप ने कहा कि वह मुख्यमंत्री कार्यालय से बी.आर. आंबेडकर की तस्वीर कथित रूप से हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रही थी।

आप नेताओं ने बृहस्पतिवार को विधानसभा परिसर के गेट के बाहर धरना दिया।

आप नेताओं ने आंबेडकर की तस्वीरों वाली तख्तियां पकड़ रखी थीं और ‘डफली’ की थाप के साथ सत्तारूढ़ दल के खिलाफ ‘‘बीजेपी सुन ले, जय भीम, जय भीम’’ … ‘‘बीजेपी की तानाशाही नहीं चलेगी’’ के नारे लगाए।

आप विधायक कुलदीप कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमने (विधानसभा में) ‘जय भीम’ के नारे लगाए और इस कारण हमें तीन दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया। आज हमें सदन में प्रवेश नहीं करने दिया गया। यह गलत है। वे विपक्ष की आवाज को कैसे रोक सकते हैं? वे पूरे विपक्ष को भाग लेने से कैसे रोक सकते हैं?’’

धरने पर बैठे आप के एक अन्य विधायक संजीव झा ने कहा, ‘‘विधानसभा अध्यक्ष का आदेश अजीब है। हम ही थे जिन्होंने उनकी नियुक्ति का समर्थन किया था और अब उन्होंने हमें निष्कासित कर दिया है। हम विधानसभा अध्यक्ष से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वह हमारे फोन कॉल का जवाब नहीं दे रहे हैं। यह भाजपा सरकार डॉ. बी.आर. आंबेडकर की विचारधारा से नफरत करती है।’’

आप विधायक अमानतुल्लाह खान ने कहा कि जब भाजपा विधायक सदन में मेज पर चढ़ गए थे, तब भी उन्हें इस तरह से (विधानसभा में प्रवेश से) नहीं रोका गया। खान एकमात्र विधायक हैं जिन्हें निलंबित नहीं किया गया है क्योंकि वह उस दिन विधानसभा में मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।’’

इससे पहले सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आतिशी ने कहा, ‘‘ ‘जय भीम’ के नारे लगाने को लेकर तीन दिन के लिए आम आदमी पार्टी के विधायकों को सदन से निलंबित किया और आज ‘आप’ विधायकों को विधानसभा परिसर में घुसने भी नहीं दिया जा रहा है। ऐसा दिल्ली विधानसभा के इतिहास में कभी नहीं हुआ।’’

मंगलवार को आतिशी सहित आप के 22 में से 21 विधायकों को सदन से निलंबित कर दिया गया था। आप विधायकों का निलंबन उस दिन हुआ जब दिल्ली सरकार ने शराब नीति पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट पेश की, जिससे आप और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ गया।

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही उपराज्यपाल ने जैसे ही अपना अभिभाषण शुरू किया, आतिशी और आप के अन्य विधायकों ने मुख्यमंत्री कार्यालय से बी. आर. आंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीर कथित तौर पर हटाए जाने का विरोध करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।

दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने सदन में उपस्थित विपक्षी विधायकों के निलंबन का प्रस्ताव पेश किया। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने नवगठित सदन में उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना के अभिभाषण को बाधित करने के कारण आप के 21 विधायकों को निलंबित कर दिया था और व्यवधान के कारण मार्शलों को सभी 21 विधायकों को सदन से बाहर निकालने का आदेश जारी किया।

निलंबन के बाद आप विधायकों ने विधानसभा परिसर में आंबेडकर की तस्वीरें लेकर प्रदर्शन किया। आतिशी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए उस पर आंबेडकर की विरासत को मिटाने का प्रयास करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘बाबासाहेब आंबेडकर की तस्वीर हटाकर भाजपा ने अपना असली रंग दिखा दिया है। क्या उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बाबासाहेब की जगह ले सकते हैं?’’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *