बीजिंग, अमेरिका की वित्त मंत्री जेनेट येलेन ने सोमवार को कहा कि बाइडन प्रशासन अमेरिका में नौकरियों को खतरा पैदा करने वाली एक औद्योगिक नीति को बदलने के लिए चीन पर दबाव डालेगा।
उनका यह बयान चीनी अधिकारियों के साथ चार दिवसीय वार्ता संपन्न होने के बाद आया है।
उन्होंने यह भी कहा कि रूस को यूक्रेन युद्ध में चीनी कंपनियों द्वारा सहयोग पहुंचाये जाने से जुड़ी अमेरिकी चिंताओं सहित राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में बातचीत हुई।
येलेन की यात्रा के केंद्र में मुख्य विषय औद्योगिक नीति, और चीन के विनिर्माण की अत्यधिक क्षमता से संबंधित मुद्दा था।
अमीर देशों को यह डर सता रहा है कि चीन के सस्ते उत्पादों के निर्यात से उनके देश के कारखानों पर प्रभाव पड़ेगा।
येलेन ने इलेक्ट्रिक वाहनों और उनकी बैटरी तथा सौर ऊर्जा उपकरण के विनिर्माण का उल्लेख किया। ये ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें अमेरिकी प्रशासन घरेलू स्तर पर बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, इन क्षेत्रों में चीन सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी ने उत्पाद का तीव्र विस्तार किया है।
अमेरिका की वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘चीन आज जो कदम उठा रहा है वह (उत्पादों के) वैश्विक मूल्य में बदलाव ला सकता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘और जब वैश्विक बाजार सस्ते चीनी उत्पादों से अटा पड़ा होगा, अमेरिकी और अन्य विदेशी कंपनियों की व्यवहार्यता पर सवाल उठेंगे।’’
येलेन ने बीजिंग में अमेरिकी राजदूत के आवास के बाहर संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हमारा इरादा इन वार्ताओं के दौरान चीन द्वारा नीति में बदलाव की जरूरत को रेखांकित करने का है।’’
उन्होंने यूक्रेन में युद्ध पर, चेतावनी दी कि रूस को सैन्य या दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं की बिक्री में सहायता पहुंचाने वाले किसी भी बैंक को अमेरिकी प्रतिबंधों की सामना करना पड़ेगा।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पूर्व अध्यक्ष येलेन ने सोमवार सुबह चीन के केंद्रीय बैंक के गवर्नर पैन गोंगशेंग से मुलाकात की।