5th June 2020

WhatsApp में सेंध, मिस्ड कॉल से इंस्टॉल किया गया जासूसी वाला सॉफ्टवेयर

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दुनिया का सबसे ज्यादा यूज किया जाने वाला इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप WhatsApp में एक खामी पाई गई. इसके तहत हैकर्स किसी फोन में रिमोटली सेंध लगा सकते थे. रिपोर्ट के मुताबिक यह सरकारी लेवल के टूल से किया गया था जो आम तौर पर किसी सरकार को दिया जाता है. WhatsApp के इस सिक्योरिटी खामी का फायदा उठा कर टार्गेट यूजर के स्मार्टफोन को स्पाइवेयर के जरिए इनफेक्ट किया जा सकता था. इसके लिए सिर्फ एक वॉयस कॉल की जरूरत होती है. टार्गेट नंबर पर वॉयस कॉल करके वॉट्सऐप की खामी का फायदा उठाते हुए उस मोबाइल में स्पाइवेयर इंस्टॉल किया जा सकता था.

 

सबसे गंभीर ये है कि इस खामी का फायदा उठाने वाला हैकर डायरेक्ट टार्गेट स्मार्टफोन को अपने कंट्रोल में ले सकता है और इसके लिए टार्गेट को स्मार्टफोन में कुछ भी करने की जरूरत नहीं थी. ऐसा करके हैकर संभावित तौर पर चैट्स, कॉल, माइक्रोफोन, कैमरा, फोटोजा और कॉन्टैक्ट्स सहित स्मार्टफोन में मौजूद सभी संवेदनशील डेटा को ऐक्सेस कर सकता था.

 

WhatsApp ने ये खुद माना है कि चैट ऐप की इस खानी की वजह से सिर्फ वॉट्सऐप में मिस्ड कॉल करके इसे स्पाइवेयर से इन्फेक्ट किया जा सकता है. लेकिन अब इसे फिक्स कर लिया गया है यानी अब यह खामी वॉट्सऐप में नहीं है.WhatsApp ने कहा है इस खामी को कंपनी ने मई के शुरुआत में ढूंढा था और इसके लिए एडवांस्ड साइबर ऐक्टर जिम्मेदार हैं. एडवांस्ड साइबर ऐक्टर्स ने इस मैलवेयर से कितने नंबर्स को इन्फेक्ट किया है फिलहाल नहीं बताया जा सकता है. WhatsApp ने यह भी कहा है कि यह अटैक इस अटैक में वो सभी हॉलमार्क हैं जो प्राइवेट कंपनी में होते हैं जो सरकार के साथ मिल कर फोन को प्रभावित करने का काम करती है.

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