10th April 2020

Reliance AGM 2019: मुकेश अंबानी ने बताया कैसा होगा जियो इंस्टीट्यूट

  •   
  •  
  •  
  •  
  •   
  •  
  •  

अपने निर्माण से पहले ही इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस का टैग पा चुका इस संस्थान को विश्वस्तरीय उच्चशिक्षण संस्थान बनाने की पहल की जा रही है. सोमवार 12 अगस्त को रिलायंस की 42वीं एजीएम में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने जियो इंस्टीट्यूट के बारे में विस्तार से बताया. ये सस्थान कितने एकड़ में और कितनी लागत में बन रहा है, और किसे यहां एडमिशन मिल सकता है, मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस फाउंडेशन की ये ग्रीनफील्ड परियोजना देश के तीन निजी संस्थानों बिट्स पिलानी और मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन में से एक है. उन्होंने बताया कि इस साल जियो इंस्टीट्यूट के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस के टैग के लिए सिफारिश की गई है और सरकार द्वारा अभी तक एक आशय पत्र जारी किया गया है. सोमवार को घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी को सरकार की ओर से Jio Institute, इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस फ्रेमवर्क के तहत एक लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) प्राप्त हुआ है. RIL की 42वीं वार्षिक आम बैठक में शेयरहोल्डर्स ने कहा कि हम उच्च शिक्षा और अनुसंधान के लिए इसे विश्वस्तरीय संस्थान बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. मुकेश अंबानी ने कहा कि Jio Institute के लिए सरकार से उनको लेटर ऑफ इंटेंट मिला है. पिछले 5 साल में कंपनी ने 5.4 लाख करोड़ रुपए निवेश किए हैं.

इन्हें मिलेगी मुफ्त शिक्षा- रिलायंस की एजीएम में मुकेश अंबानी ने कहा कि पुलवामा में शहीद हुए सभी जवानों के परिवार और उनके बच्चों की शिक्षा का पूरा भार रिलायंस उठाएगी. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए रिलायंस टास्कफोर्स बनाएगी जो आने वाले समय में बड़े ऐलान करेगी.बता दें, इस महीने की शुरुआत में, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने लेटर ऑफ इंटेट के लिए सात निजी संस्थानों की सिफारिश की थी. इनमें अमृता विश्व विद्यापीठम, जामिया हमदर्द, शिव नादर विश्वविद्यालय और ओपी जिंदल विश्वविद्यालय शामिल हैं. इस टैग वाले निजी संस्थानों को सार्वजनिक संस्थानों के विपरीत कोई वित्तीय सहायता नहीं मिलेगी, वे एक विशेष श्रेणी के डीम्ड विश्वविद्यालय के रूप में अधिक स्वायत्तता के हकदार होंगे.

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने हालिया बयान में कहा कि ग्रीनफील्ड संस्थानों को अपने संस्थान की स्थापना और संचालन के लिए 3 साल की अवधि मिलेगी, और उसके बाद, ईईसी (अधिकार प्राप्त विशेषज्ञ समिति) इन्हें एमिनेंस का दर्जा दे सकेगी. रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कथित तौर पर ईईसी को सूचित किया है कि वह अगले दो वर्षों में Jio संस्थान में लगभग 1,500 करोड़ रुपये का निवेश करेगा.ये इंस्टीट्यूट अमेरिका में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक और संस्थागत विशेषज्ञों के साथ-साथ सिंगापुर में नानयाल टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के साथ बातचीत कर रहा है. ये भी कहा गया है कि ये इंस्टीट्यूट नवी मुंबई के पास करजत के 800 एकड़ में खुलेगा. 

विवादों में रहा जियो इंस्टीट्यूट – बता दें, बीते साल जुलाई में सरकार ने जियो इंस्टीट्यूट को ‘इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस’ टैग के लिए विचार करने की श्रेणी में रखा था. सरकार का ये निर्णय विवादों में घिर गया था.

सरकार ने दी थी ये सफाई  – लोगों के गुस्से को भांपते हुए मंत्रालय ने इस बात पर स्पष्टीकरण दिया कि कैसे Jio संस्थान को कोई भौतिक अवसंरचना होने के बावजूद इस तरह का प्रतिष्ठित दर्जा दिया गया. सरकार ने कहा था कि, Jio संस्थान को ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के तहत यह टैग दिया गया था.  इस श्रेणी में उन सभी आवेदनों को आंका गया था जिनके पास निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता और संस्थान को बनाने के लएि धन, एक जगह पर उच्च योग्यता और विस्तृत अनुभव के साथ एक कोर टीम और स्पष्ट वार्षिक लक्ष्य के साथ एक रणनीतिक दृष्टि योजना हो. एचआरडी मंत्रालय ने कहा था कि चयन समिति ने एक निष्कर्ष पर पहुंचाया है कि 11 आवेदनों में से केवल Jio संस्थान ने सभी चार मापदंडों को पूरा किया है और इसलिए एक संस्थान की स्थापना के लिए एक आशय पत्र जारी करने की सिफारिश की गई थी.

hit counter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *