2nd June 2020

लॉकडाउन में किसानों को फलों-सब्जियों का सही दाम दिलाएगी यह स्कीम, जानिए इसके बारे में सबकुछ

  •   
  •  
  •  
  •  
  •   
  •  
  •  

नई दिल्ली. कोविड-19 (COVID-19) लॉकडाउन के दौरान ट्रकों की आवाजाही बंद होने की वजह से कई राज्यों में वे किसान परेशान हैं जिन्होंने जल्दी खराब होने वाली सब्जियों और फलों की खेती की है. उन्हें या तो औने-पौने दाम पर अपना उत्पाद बेचना पड़ रहा है या फिर वे उसे फेंकने पर मजबूर हैं. ऐसे किसानों को राहत देने की कोशिश शुरू हो गई है. मोदी सरकार ने लॉकडाउन के दौरान बाजार हस्तक्षेप योजना (MISP-Market Intervention Price Scheme) प्रभावी कर दी है. ताकि किसानों को अपनी उपज औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर न होना पड़े.केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के मुताबिक इस योजना के तहत जल्दी खराब होने वाली कृषि एवं बागवानी वस्तुओं की कीमतें गिरने पर उसकी खरीद (Procurement) राज्य सरकार द्वारा की जा सकती है. केंद्र सरकार राज्यों को नुकसान की 50 फीसदी भरपाई करेगी. पूर्वोत्तर के मामले में यह 75 फीसदी तक होगी. इस बारे में कृषि मंत्रालय ने राज्यों सरकारों को पत्र भेजा है.

इसलिए उठाया गया कदम दरअसल, कृषि मंत्री तोमर ने 8 अप्रैल को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए राज्यों के कृषि मंत्रियों से लॉकडाउन में किसानों के हालात पर बातचीत की थी. इस दौरान कुछ राज्यों ने सब्जियों एवं फल के दाम में किसानों के नुकसान का मुद्दा उठाया था. उसके बाद तोमर ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए. फिर इस योजना को लॉकडाउन में प्रभावी करने का आदेश लागू हुआ.

क्या है बाजार हस्तक्षेप योजना- यह योजना कृषि उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य आधारित खरीद सिस्टम की तरह ही काम करती है. लेकिन यह एक अस्थायी तंत्र है. इसका इस्तेमाल बागवानी उत्पादों की कीमतों में आई कमी के दौरान विपरीत स्थिति से बचाने के लिए किया जाता है.इसे दूसरी तरह भी समझ सकते हैं. MISP बाजार मूल्य में गिरावट की स्थिति में खराब होने वाले खाद्यान्नों और बागवानी वस्तुओं की खरीद के लिए राज्य सरकारों के अनुरोध पर लागू की जाने वाली एक मूल्य समर्थन प्रणाली (Price support system) है.आमतौर पर यह स्कीम तब लागू की जाती है जब सामान्य वर्ष की तुलना में उत्पादन कम से कम 10 फीसदी ज्यादा हो. या पिछले सामान्य वर्ष की तुलना में 10 की कमी. लेकिन इस बार इसे लॉकडाउन के चलते लागू किया जा रहा है. सरकार इसमें राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED-Agriculture Cooperative Marketing Federation of India) की मदद लेती है.

इन कृषि उत्पादों की हो सकती है खरीद- संतरा, सेब, माल्टा, अंगूर, अनानास, अदरक, लाल-मिर्च, धनिया बीज, लहसुन, मशरूम, लौंग, काली मिर्च आदि की खरीद इस स्कीम के तहत हो सकती है.

hit counter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *