Mon. Jun 24th, 2019

ITR फॉर्म भरते वक्‍त न करें ये 5 गलती, वर्ना चुकानी होगी भारी कीमत

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नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत हो चुकी है. इस साल नौकरी करने वाले लोगों को वित्‍त वर्ष 2018-19 का इनकम टैक्‍स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करना है. इसके लिए हाल ही में इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ने फॉर्म भी जारी कर दिया है. आईटीआर फाइल करते समय आपको कुछ गलतियों से भी बचना है. आज हम आपको इस रिपोर्ट में ऐसी ही कुछ कॉमन गलतियों के बारे में बताने वाले हैं.

1- अगर आप इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल करने जा रहे हैं तो अपनी इनकम के किसी भी स्रोत को छिपाएं नहीं. फॉर्म में इनकम के बारे में सही-सही जानकारी दें. सेविंग अकाउंट, फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य निवेश से होने वाली इनकम के बारे में भी बताएं. अगर आपने ऐसा नहीं किया तो आने वाले दिनों में आपकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं. अगर आपने कोई जानकारी छिपाई तो इसे टैक्‍स चोरी समझा जाएगा.

2- इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते वक्‍त अपनी व्‍यक्तिगत जानकारियां भी सही दें. आप यह सुनिश्चित कर लें कि आपका मोबाइल नंबर, ईमेल, बैंक विवरण, पता, जन्मतिथि, पैन नंबर आदि का उल्लेख बिल्कुल सही हो. अगर आपने ऐसा नहीं किया तो इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट की ओर से आपको नोटिस भी आ सकता है.

3 – आईटीआर भरने के लिए आपको सही फॉर्म का चुनाव करना होगा. दरअसल, आय स्रोत और अन्य डिटेल्स के हिसाब से अलग-अलग फॉर्म आते हैं. उदाहरण के लिए नौकरीपेशा लोगों को फॉर्म-1 फाइल करना होता है. आईटीआर-2 वे लोग भरते हैं जिनकी इनकम 50 लाख से ज्यादा है. इसमें बिजनेस और प्रोफेशन से होने वाली इनकम को शामिल नहीं किया जाता है. जैसे हाउस प्रापर्टी और अन्य स्रोत से होने वाली आय इसमें आती है. वहीं आईटीआर-3 उन लोगों और एचयूएफ (हिंदू अविभाजित परिवार) द्वारा भरा जाता है जिनकी आय सैलरी, बिजनेस, हाउस प्रॉपटी और अन्य स्रोत से होने वाली इनकम को शामिल किया गया है.

4- आईटीआर दाखिल करते वक्‍त अपनी सैलरी या इनकम के बारे में गलत जानकारी नहीं देनी चाहिए. दरअसल, अकसर देखा गया है कि ITR दाखिल करते समय अक्सर लोग विभिन्न बचत खातों और निश्चित जमा रकम से अर्जित ब्याज की जानकारी नहीं देते हैं. अगर आपने ऐसा किया तो इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है. यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आप अपनी आय की जानकारी को कम करके न दिखाएं.

5- आमतौर पर देखा गया है कि लोग लापरवाही की वजह से समय पर आईटीआर फाइल नहीं करते हैं. अगर आपने ऐसा किया तो आपको दिक्‍कत हो सकती है. दरअसल, डेडलाइन के बाद आईटीआर फाइल करते वक्‍त जुर्माना भी देना पड़ सकता है.

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