Sun. Apr 21st, 2019

अगर आप सीबीएसई बोर्ड से कर रहे हैं पढ़ाई तो यह है आपके लिए बेहद काम की खबर

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा 1 से 12वीं तक आर्ट एजुकेशन को अनिवार्य रूप से स्कूलों को पढ़ाने के लिये कहा है। इसके लिये निर्देश भी जारी किए हैं। बोर्ड ने कला के महत्व को शिक्षा में समझते हुए यह निर्णय लिया है। बोर्ड ने इसके लिए कई स्कूलों, प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों एनसीईआरटी सहित अन्य लोगों से संपर्क किया है। बोर्ड का मानना है शिक्षा में कला को समाहित करने से शिक्षण को और रुचिकर और बेहतर बनाया जा सकता है। बोर्ड ने कहा कि सीबीएसई ने अपने सभी संबद्ध स्कूलों को 2019-20 के शैक्षणिक सत्र से इसे लागू करने का निर्देश दिया है।

 

बोर्ड का कहना है कि आर्ट एजुकेशन को कक्षा 1 से 12 तक के लिए अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा। प्रत्येक स्कूल कला शिक्षा के लिए अनिवार्य रूप से प्रति सप्ताह, कक्षा में न्यूनतम दो कक्षाएं संचालित करेगा। यह दृश्य और श्रव्य दोनों माध्यमों में दिया जा सकता है। इसमें चार विधाओं को शामिल किया जा सकता है जैसे संगीत, नृत्य, विजुअल आर्ट और रंगमंच। इसे सिखाने के अलावा भागीदारी, संवाद और अनुभव परखता पर जोर होना चाहिए। कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को इसके बारे में बताने के अलावा पाक कला से परिचित कराया जाए, ताकि वे पौष्टिक भोजन के महत्व को समझें। भारत में उगाई जाने वाली फसलों और मसालों के बारे में भी बताएं। विभिन्न बीजों से तेल कैसे निकाला जाता है, अच्छी कृषि पद्धतियों के बारे में, कीटनाशक आदि के बारे में भी जानकारी दी जाए।

 

सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए स्कूल खाना बनाने की भी कक्षायें आयोजित करें। इसमें छात्र और छात्राओं दोनों को शामिल किया जाए। बोर्ड का कहना है कि सभी स्कूलों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे कला को शिक्षा पद्धति में एकीकृत करने के लिए ठोस प्रयास करें। सीबीएसई इसके बारे में विस्तृत जानकारी जल्द ही स्कूलों को भेजेगी।

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