Mon. Jun 24th, 2019

बार्टी ने पहला ग्रैंडस्लैम जीता, 46 साल बाद ऑस्ट्रेलियाई महिला ने यह खिताब अपने नाम किया

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ऑस्ट्रेलिया की एश्ले बार्टी ने फ्रेंच ओपन वुमन्स सिंगल्स का खिताब जीता लिया। उन्होंने फाइनल मुकाबले में चेक गणराज्य की मार्केटा वोंडरूसोवा को हराया। दोनों खिलाड़ी पहली बार किसी ग्रैंडस्लैम के खिताबी मुकाबले में पहुंची थीं। बार्टी यह खिताब जीतने वाली पांचवीं ऑस्ट्रेलियाई महिला हैं। पिछली बार ऑस्ट्रेलिया के लिए मार्गेट कोर्ट ने 1973 में फाइनल जीता था। बार्टी ने वोंडरूसोवा को 6–1, 6–3 से हराया।

 

बार्टी ने 70 मिनट में मैच जीता- 23 साल की बार्टी ने 19 साल की वोंडरूसोवा को मैच में वापसी का कोई मौका नहीं दिया। उन्होंने यह मुकाबला 70 मिनट में अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ही वे डब्ल्यूटीए रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुंच गईं। पहले स्थान पर जापान की नाओमी ओसाका हैं। बार्टी ने 8 साल बाद ऑस्ट्रेलिया को कोई ग्रैंडस्लैम टाइटल दिलाया। पिछली बार समांथा स्टोसुर 2011 में यूएस ओपन जीती थीं। बार्टी ने जीत के बाद कहा, ‘“मैं आज अच्छी तरह मैच खेली। मुझे अपने और अपनी टीम पर बहुत गर्व है। यहां पर दो सप्ताह मेरे लिए बेहतरीन रहा।’’

 

क्रिकेट भी खेल चुकी हैं बार्टी- बार्टी खुद को मानसिक तौर पर मजबूत करने के लिए पांच साल पहले टेनिस छोड़कर क्रिकेटर बन गईं थीं। तब उन्हें टेनिस खेलना, देखना और यहां तक कि इस खेल के बारे में बात करना तक पसंद नहीं था। बार्टी ने सितंबर 2014 में यूएस ओपन के पहले दौर में बाहर होने के बाद पेशेवर टेनिस से ब्रेक लेने का ऐलान किया था। तब उन्होंने इसकी वजह नहीं बताई थी। बार्टी ने बाद में कहा था, ‘‘मुझे मानसिक तौर पर अधिक मजबूत होने के लिए कुछ समय चाहिए था। यह (टेनिस) मेरे लिए थोड़ा कठिन हो गया था। मैं इसका उतना आनंद नहीं ले रही थी, जितना मुझे पसंद था। मैं कम उम्र में ही ज्यादा टेनिस खेल चुकी थी। मैं टीनएज लड़की के तौर पर अपने जीवन का आनंद और कुछ सामान्य अनुभव लेना चाहती थी।’

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