14th July 2020

एक मूर्धन्य व्यक्तित्व: श्री चंद्रशेखर अग्रवाल

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श्री चंद्र शेखर अग्रवाल सकारात्मक पत्रकारिता के एक अमीट हस्ताक्षर थे। यह हमारा दुर्भाग्य है कि आज वह हमारे बीच नहीं है किंतु उनकी अनुपस्थिति पत्रकारिता जगत में एक अपूरणीय क्षति के रूप में दिखती है। श्री चंद्रशेखर जी एक हंसमुख व्यक्तित्व के स्वामी थे ,आपके मिलनसार एवं नेतृत्वशील गुणों के कारण वे हम सबके बीच में अत्यंत लोकप्रिय थे वे एक मार्गदर्शी के रूप में हमारे मानक थे। आपके द्वारा जो सकारात्मक पत्रकारिता का स्तंभ स्थापित किया गया है वह अत्यंत सराहनीय एवं दीर्घजीवी है। पत्रकारिता के दौरान आपके द्वारा लिखा जाने वाला संपादकीय पृष्ठ में एडिटोरियल अत्यंत प्रभावशाली एवं चिंतनशील हुआ करता था । मैं अपने आप को भाग्यशाली महसूस करता हूं कि मुझे उनके विचारों को सुनने, समझने एवं पढ़ने का मौका मिला। आपकी चिंतनशीलता अत्यंत गहरी एवं दूरदर्शी थी। समय-समय पर अपने आलेख के माध्यम से श्री अग्रवाल जी द्वारा सरकार को एवं अन्य अनेक व्यवस्था में लगे व्यवस्थापकओं को जो सलाह एवं मार्गदर्शन के द्वारा रास्ता दिखाया जाता था वह अत्यंत सटीक और सराहनी होता था। आपने अपने समाचार पत्र में अनेकों बार विद्यार्थियों, किसानों, बेरोजगारों एवं समाज के निचले एवं अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्तिओ की बात बड़ी ही निर्भीकता के साथ उठाई जो आपकी पत्रकारिता का एक अहम पहलू था । जबकि ऐसे तबकों की आवाज़ आजकल फैशन परस्त पत्रकारिता के बीच कहीं दब कर रह जाती है।
अब जब आप हमारे बीच नहीं हैं तो इन तबकों का नेतृत्व अब नेतृत्व विहीन सा हो गया है। श्री अग्रवाल जी की सृजनशीलता समाज, देश और व्यवस्था के लिए अत्यंत उपयोगी एवं अनुकरणीय थी। श्री अग्रवाल जी ने कई बार अपनी पत्रकारिता के माध्यम से एवं मुझे निजी रूप से समाज में बच्चों के बीच सोशल मीडिया की अनावश्यक बढ़टी हुई प्रवृति पर गहरी चिंता जताई थी। आपके मार्गदर्शन में मैंने इस विषय पर कई आलेख भी लिखें जो हमारे बच्चों के अभिभावकों एवं हमारे देश की सरकार के लिए काफी अनुकरणीय एवं जागरूकता दायी थे। इतना ही नहीं श्री चंद्रशेखर अग्रवाल जी के समाचार पत्र में अनेकों अनेक सरकार द्वारा चलाई जाने वाली कल्याणकारी योजनाओं को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया जाता था, उनका यह कहना था कि हमारी सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का जनता के बीच में व्यापक प्रसार होना चाहिए तभी हमारा देश आगे बढ़ सकता है। जानकारी द्वारा ही अंतिम व्यक्ति तक ये सुविधा पहुंच सकती है नहीं तो सरकार की सभी कवायद जानकारी के अभाव में विफल हो जाएगी। यही कारण रहा है कि फोकस न्यूज़ में बड़े पैमाने पर बड़ी क्रियाशीलता के साथ सरकारी योजनाओं का प्रचार प्रसार किया जाता रहा। प्रकाशित की जाने वाली अनेका अनेक ये योजनाएं देश के प्रत्येक व्यक्ति के लिए उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक हुआ करती थी । इस तरह का कार्य श्री अग्रवाल जी की अगाध सकारात्मक पत्रकारिता का ही द्योतक रही है। श्री अग्रवाल जी द्वारा अपनायी जाने वाली यह सहज सकारात्मकता अब हमें आगे बढ़ाना है।। ईश्वर से कामना है कि हम उनके कार्यो को आगे बढ़ाने की शक्ति प्रदान करें , सही अर्थों में यही उनको सच्ची श्रद्धांजलि होगी । उनके लिए गुलाम मुर्तज़ा के शब्दों में मन से यही उद्गार निकलता है,
“चले थे जिस की तरफ़ वो निशान ख़त्म हुआ!
सफ़र अधूरा रहा, आसमान ख़त्म हुआ!!
आप हमारी यादों में हमेशा जिंदा है, जिंदा रहेंगे।
आपको अश्रुपूरित श्रंद्धांजलि!!!
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